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पुलिस का खेल : चार्जशीट से बाहर कर दिया था आरोपी डॉक्टर का नाम, लोला की प्लास्टिक सर्जरी की थी, खुलासा
Thu, 13 Aug 2026 02:20 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 13 Aug 2026 02:20 PM IST
सार
आरोपी डॉ. विवेक गुप्ता पुलिस को सूचना दिए बिना विदेशी महिलाओं की प्लास्टिक सर्जरी करता था। उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
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- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
स्थानीय पुलिस, प्रशासन या फॉरनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) को बिना सूचना दिए लोला की प्लास्टिक सर्जरी करने वाले डॉक्टर विवेक गुप्ता पर पुलिस ने मेहरबानी दिखाई। जून 2025 में दर्ज एफआईआर में आरोपी डॉक्टर का भी नाम था। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के बजाय पुलिस ने विवेचना में डॉ. विवेक का नाम हटा दिया।
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आरोपी को क्लीनचिट देकर चार्जशीट से उसका नाम बाहर कर दिया। अब लोला के पकड़े जाने के बाद पुलिस दोबारा हरकत में आई है। पुलिस ने एक बार फिर डॉक्टर को हिरासत में ले लिया। डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है। अब सवाल ये है कि जब डॉक्टर को क्लीनचिट दे दी गई थी तो फिर उसे पूछताछ के लिए क्यों बुलाया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।
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एक साल पहले पकड़ी गईं उज्बेकिस्तान की होलिडा और नीलोफर ने पुलिस को बयान दिया था कि उन दोनों की सर्जरी भी विवेक ने की थी। इसके लिए उसने कोई कागज नहीं मांगा था। आरोपियों ने बताया था कि विवेक अहिमामऊ और पत्रकारपुरम में मिनर्वा क्लीनिक चलाते हैं। तत्कालीन डीसीपी निपुण अग्रवाल ने कहा था कि विवेक और उसके साथी त्रिजिन राज ने ही विदेशी महिलाओं को ओमेक्स आर-1 के फ्लैट संख्या 104 और 1103 में अवैध रूप से ठहराया था।
2023 में वापस जाने के लिए किया था आवेदन : छानबीन में सामने आया है कि लोला ने वर्ष 2023 में दिल्ली एंबेसी में उज्बेकिस्तान जाने के लिए आवेदन किया था। इस पर उसे तीन माह का समय दिया गया था। समय मिलने के बाद भी लोला वापस नहीं गई। आरोपी के फोन में कई विदेशी महिलाओं के फोटो मिले हैं जिन्हें वह ग्राहकों को भेजती थी।
अस्पताल ने फॉर्म-सी भरा तो पकड़ में आई लोला
कोई भी विदेशी नागरिक अगर किसी काम के लिए कहीं जाता है तो संबंधित विभाग फॉर्म-सी भरकर पुलिस, खुफिया एजेंसी व एफआरआरओ को भेजता है। लोला की दोस्त उज्बेकिस्तान निवासी उमिदा मंगलवार को निजी अस्पताल में इलाज कराने पहुंची। अस्पताल प्रबंधन ने फॉर्म-सी भरकर एजेंसियों को जानकारी दी। इसके बाद एफआरआरओ और पुलिस की टीम वहां पहुंची। उमिदा के साथ लोला भी मौजूद मिली। पूछताछ में लोला ने बताया कि वह ओमेक्स में ही रह रही थी और उसने भरत प्रताप नाम के व्यक्ति से शादी कर ली है। उमिदा मेडिकल वीजा पर आई थी जिसे वापस भेज दिया गया है।