सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   KGMU scam: Cancer medicines purchased in the name of stone patients

KGMU: केजीएमयू में ढाई करोड़ के दवा घोटाले का खुलासा, जांच समिति की रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारियां

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Thu, 04 Jun 2026 10:19 AM IST
विज्ञापन
सार

कई मरीजों के यूएचआईडी नंबर और असाध्य योजना कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया। मरीजों के नाम पर हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) स्टोर से महंगी दवाएं जारी कराई गईं और उनका भुगतान भी करा लिया गया। बाद में इन दवाओं की कालाबाजारी किए जाने की आशंका जताई गई है।

KGMU scam: Cancer medicines purchased in the name of stone patients
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना के बजट से हुए कथित दवा घोटाले की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पांच सदस्यीय जांच समिति की करीब 700 पेज की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि साधारण पेशाब संबंधी बीमारियों और गुर्दे की पथरी से पीड़ित मरीजों के नाम पर लाखों रुपये की कैंसर की महंगी दवाएं खरीदी गईं। मामले में करीब ढाई करोड़ रुपये के घपले की आशंका जताई गई है।



मरीजों के यूएचआईडी और कार्ड का हुआ दुरुपयोग
जांच रिपोर्ट के अनुसार कई मरीजों के यूएचआईडी नंबर और असाध्य योजना कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया। मरीजों के नाम पर हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) स्टोर से महंगी दवाएं जारी कराई गईं और उनका भुगतान भी करा लिया गया। बाद में इन दवाओं की कालाबाजारी किए जाने की आशंका जताई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - आज से प्रदेश में सक्रिय होगा एक और विक्षोभ, इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी; ये हैं पूर्वानुमान
विज्ञापन
Trending Videos


ये भी पढ़ें - इकाना में दिखेगा रोहित-कोहली का जलवा, अफगानिस्तान मैच के लिए 15 जून को आएगी टीम; टिकट बिक्री शुरू


निजी मेडिकल स्टोर तक पहुंचीं दवाएं
समिति को ऐसे मामले भी मिले हैं जिनमें किडनी, प्रोस्टेट और पथरी के मरीजों के नाम पर कैंसर की दवाएं मंगाई गईं। कागजों में दवाएं मरीजों को चढ़ाई गईं, जबकि वास्तविकता में उन्हें निजी मेडिकल स्टोरों में बेचे जाने के संकेत मिले हैं। अब जांच टीम दवाओं की खरीद-बिक्री की पूरी कड़ी खंगाल रही है।

मृत मरीज के नाम पर भी आती रहीं दवाएं
रिपोर्ट में हरदोई की एक महिला मरीज का मामला भी सामने आया है, जिसकी दोनों किडनियां फेल थीं और डायलिसिस चल रही थी। आरोप है कि मरीज की मौत के बाद भी उसके नाम पर महीनों तक कैंसर की दवाएं मंगाई जाती रहीं। समिति अब यह पता लगाने में जुटी है कि करोड़ों रुपये की दवाएं कहां खपाई गईं और पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस की मदद से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

केजीएमयू में सभी कैंसर विभागों का होगा ऑडिट

ढाई करोड़ रुपये का दवा घोटाला सामने आने के बाद केजीएमयू प्रशासन हरकत में आ गया है। अब संस्थान के उन सभी सात विभागों का विस्तृत ऑडिट कराया जाएगा जहां कैंसर मरीजों का इलाज और कीमोथेरेपी की सुविधा है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि 5000 रुपये से अधिक कीमत की सभी दवाओं का बिल, वाउचर और वितरण रिकॉर्ड खंगाला जाएगा।

पिछले पांच महीनों में सरकारी योजनाओं के तहत इलाज पाने वाले मरीजों का पूरा ब्योरा भी जांच के दायरे में रहेगा। इन विभागों में यूरोलॉजी, रेडियोथेरेपी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, गायनी ऑन्कोलॉजी और इंडोक्राइन सर्जरी शामिल हैं।

प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार, पांच सदस्यीय जांच समिति पूरे मामले की जांच करेगी। महंगी कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी मरीजों के रिकॉर्ड की भी अलग से जांच होगी। यूरोलॉजी विभाग के तीन कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है और एजेंसी से वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed