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Lucknow News: केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर की सीटी स्कैन मशीन से शुरू हुईं जांच
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में पिछले छह दिनों से खराब पड़ी सीटी स्कैन मशीन को आखिरकार ठीक कर दिया गया है। मशीन के ठीक होने से अब मरीजों को जांच के लिए मुख्य परिसर नहीं जाना पड़ेगा। इससे ट्रॉमा सेंटर में आने वाले गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
मशीन खराब होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर दुर्घटना और आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों के लिए सीटी स्कैन जांच में देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों को सीटी स्कैन कराने के लिए केजीएमयू के मुख्य परिसर स्थित रेडियोलॉजी विभाग भेजा जा रहा था। इस प्रक्रिया में समय और ऊर्जा दोनों बर्बाद हो रही थी। मरीजों के तीमारदारों को भी अतिरिक्त भागदौड़ करनी पड़ रही थी। कई बार गंभीर मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में जोखिम भी बढ़ जाता था। इस दौरान कई मरीजों को अपनी जांच के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ा। मशीन की मरम्मत के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसका एक पार्ट जर्मनी लाकर लगाया गया, तब जाकर सोमवार शाम को मशीन दुरुस्त हुई।
बैकअप जरूरी
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में गंभीर हालत में मरीज और घायल आते हैं। उनको तुरंत जांच की जरूरत होती है। सीटी स्कैन मशीन सही न होने पर उनकी इलाज की दिशा तय करने में देर होती है। अभी तक यहां मशीन का बैकअप नहीं है। केजीएमयू प्रशासन अगले दो महीने में दूसरी मशीन लगाने का दावा कर रहा है।
कोट
सीटी स्कैन मशीन दुरुस्त कर ली गई है। सोमवार शाम से मरीजों की जांच शुरू कर ली गई है। अभी तक मरीज जांच के लिए मुख्य परिसर भेजे जा रहे थे।
प्रो. प्रेमराज, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर
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मशीन खराब होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर दुर्घटना और आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों के लिए सीटी स्कैन जांच में देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों को सीटी स्कैन कराने के लिए केजीएमयू के मुख्य परिसर स्थित रेडियोलॉजी विभाग भेजा जा रहा था। इस प्रक्रिया में समय और ऊर्जा दोनों बर्बाद हो रही थी। मरीजों के तीमारदारों को भी अतिरिक्त भागदौड़ करनी पड़ रही थी। कई बार गंभीर मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में जोखिम भी बढ़ जाता था। इस दौरान कई मरीजों को अपनी जांच के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ा। मशीन की मरम्मत के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसका एक पार्ट जर्मनी लाकर लगाया गया, तब जाकर सोमवार शाम को मशीन दुरुस्त हुई।
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बैकअप जरूरी
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में गंभीर हालत में मरीज और घायल आते हैं। उनको तुरंत जांच की जरूरत होती है। सीटी स्कैन मशीन सही न होने पर उनकी इलाज की दिशा तय करने में देर होती है। अभी तक यहां मशीन का बैकअप नहीं है। केजीएमयू प्रशासन अगले दो महीने में दूसरी मशीन लगाने का दावा कर रहा है।
कोट
सीटी स्कैन मशीन दुरुस्त कर ली गई है। सोमवार शाम से मरीजों की जांच शुरू कर ली गई है। अभी तक मरीज जांच के लिए मुख्य परिसर भेजे जा रहे थे।
प्रो. प्रेमराज, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर
