लखनऊ: पार्क और सामुदायिक शौचालय की जमीन पर अतिक्रमण, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
लखनऊ के हुसैनगंज क्षेत्र के घोसियाना में पार्क और सामुदायिक शौचालय की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, एलडीए और जनसुनवाई पोर्टल पर कई शिकायतों के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटा। लोगों ने पार्क की जमीन खाली कराने, सड़क की चौड़ाई बहाल करने और मामले की जांच की मांग की है
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राजधानी के हुसैनगंज क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं के लिए आरक्षित जमीन पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। बाबू बनारसीदास वार्ड-55 के छितवापुर भुइयन स्थित घोसियाना में एलडीए की ओर से विकसित पार्क और सामुदायिक शौचालय की जमीन पर तथा आसपास अवैध निर्माण होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पार्क के लिए आरक्षित जमीन पर धीरे-धीरे पक्के निर्माण हो गए, जिससे पार्क की सुविधा प्रभावित हुई है। वहीं, सड़क पर अतिक्रमण के कारण रास्ता संकरा हो गया है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आने-जाने में दिक्कत होती है।
शिकायतों के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस पर कई बार शिकायत दर्ज कराई है। उनका दावा है कि एलडीए की ओर से अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन अब तक मौके से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। निवासियों का कहना है कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण दिखा दिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर समस्या बनी हुई है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर स्थिति की जांच करने की मांग की है।
पार्क की जमीन खाली कराने की मांग
क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और एलडीए से सार्वजनिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पार्क की आरक्षित जमीन को खाली कराना, सड़क की मूल चौड़ाई बहाल करना, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करना और पार्क व सामुदायिक शौचालय की सुविधाओं को दोबारा विकसित करना शामिल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने पर क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाएं बहाल हो सकेंगी और लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सकती है।