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लखनऊ अग्निकांड: अवैध निर्माण खुद गिराने को तैयार बिल्डिंग मालिक, एलडीए कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
Thu, 09 Jul 2026 03:56 PM IST
Akash Dwivedi
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Thu, 09 Jul 2026 03:56 PM IST
सार
अलीगंज अग्निकांड से जुड़ी इमारत मामले में एलडीए कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। भवन मालिक ने अवैध निर्माण स्वयं हटाने और शमन मानचित्र स्वीकृत करने की मांग की। एलडीए ने तीसरी मंजिल और अतिरिक्त बेसमेंट को अवैध बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अलीगंज अग्निकांड से जुड़ी इमारत के मामले में बुधवार को एलडीए की विहित प्राधिकारी कोर्ट में तीसरे दिन सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बिल्डिंग मालिक की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि भवन में जितना भी अवैध निर्माण है, उसे मालिक स्वयं अपने खर्च पर ध्वस्त कराने को तैयार है। साथ ही नई भवन निर्माण नीति के तहत शमन मानचित्र (कंपाउंडिंग) पास करने की अनुमति देने की मांग की गई।
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बिल्डिंग मालिक के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि भवन में संचालित व्यावसायिक गतिविधियां किराएदार द्वारा की जा रही थीं और उसमें भवन स्वामी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। उन्होंने एलडीए की ओर से जारी नोटिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि भवन का कितना हिस्सा अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विहित प्राधिकारी ने एलडीए के जूनियर इंजीनियर (जेई) से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। जेई ने बताया कि भवन का नक्शा केवल बेसमेंट सहित दो मंजिल तक स्वीकृत था, जबकि तीसरी मंजिल पूरी तरह अवैध रूप से बनाई गई। उन्होंने यह भी बताया कि 20 वर्गमीटर बेसमेंट की अनुमति थी, लेकिन मौके पर करीब 134 वर्गमीटर का बेसमेंट निर्मित मिला।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विहित प्राधिकारी ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। अब एक-दो दिन में यह तय होगा कि इमारत के अवैध हिस्से पर बुलडोजर चलेगा या फिर शमन मानचित्र स्वीकृत कर नियमितीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।