लखनऊ अग्निकांड: 15 मौतों पर टीम ने LDA को सौंपी रिपोर्ट, अवैध मिली पूरी बिल्डिंग; आग से बचाव के नहीं थे उपाय
अलीगंज अग्निकांड की जांच रिपोर्ट में भवन को पूरी तरह अवैध बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मानकों के विपरीत निर्माण, अग्नि सुरक्षा उपायों का अभाव, संकरा प्रवेश मार्ग और आवासीय भवन का व्यावसायिक उपयोग हादसे की प्रमुख वजह बने। जांच में निगरानी और प्रवर्तन स्तर पर भी लापरवाही सामने आई।
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अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की जान के जाने के बाद एलडीए की ओर से घटना की जांच को लेकर बनाई गई पांच सदस्यीय जांच समिति ने जांच पूरी कर रिपोर्ट एलडीए वीसी को सौंप दी है। इसमें हर तल पर मानक से अधिक निर्माण, सेट बैक का न छोड़ा जाना, आने जाने का रास्ता संकरा होने के साथ आगे से बचाव के उपाय न होने और भू उपयोग के विपरीत बिल्डिंग का उपयोग किए जाने को आग लगने के कारणों की प्रमुख वजह माना गया है।
आग लगने की घटना सोमवार दोपहर की है। इस दिन अलीगंज सेक्टर डी स्थित एक एनिमेशन सेंटर की बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की जान गई थी। इसके बाद जब एलडीए ने प्राथमिक जांच की तो पता चला कि बिल्डिंग पूरी तरह अवैध है।
एलडीए की ओर आवासीय मानचित्र पास किया गया था जबकि मौके पर उपयोग कामर्शियल किया जा रहा था। आग से बचाव को लेकर सेट बैक भी नहीं छोड़ा गया था। आने जाने का रास्ता एक था और वह भी संकरा था।
समिति को तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देनी थी
इसको देखते हुए एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार की ओर से एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन उसी दिन किया गया था। समिति को तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देनी थी। गठन के अगले ही दिन मंगलवार को समिति ने मौके पर जाकर जांच की।
जिसके बाद रिपोर्ट तैयार कर एलडीए वीसी को सौंप दी है। समिति अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में गठित की गई थी। इसमें मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक मनोज सागर और अलीगंज के संपत्ति अधिकारी व विशेष कार्य अधिकारी रवि नंदन सिंह को सदस्य बनाया गया था।
अब आगे होगी ये कार्रवाई
अपर सचिव एलडीए ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट एलडीए वीसी को सौंप दी गई है। टीम ने जो मौके पर देखा और जो संपत्ति आवंटन और मानचित्र पास करने से संबंधित फाइलें थीं उनकी भी पड़ताल की गई। उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर दी गई है।
जांच में यह तथ्य आए सामने
- बेसमेंट सहित तीन मंजिला बिल्डिंग के हर तल पर मानक के अधिक निर्माण किया गया
- सुरक्षा को दरकिनारकर पूरे प्लॉट को कवर कर निर्माण किया
- आने जाने एक मात्र रास्ते में ही एसी की आउटर यूनिट और एग्जास्ट फैन लगाए गए थे
- मानचित्र आवासीय पास कराया गया था और उपयोग व्यावसायिक किया जा रहा था
- एलडीए के प्रवर्तन विभाग की ओर से अवैध निर्माण की निगरानी में ढिलाई की गई और कार्रवाई नहीं की गई
- ध्वस्तीकरण आदेश होने के बाद उसे 2016 में वापस लिया गया
- आदेश वापस लेने के बाद यह नहीं जांच की गई कि मौके पर निर्माण मानचित्र के अनुरूप हो रहा है कि नहीं