लखनऊ: अवैध संबंध का विरोध करने पर हत्या, सास की साड़ी से गला रेतकर हुई हत्या; इस तरह दिया मौत को अंजाम
Murder due to illicit relationship: यूपी की राजधानी लखनऊ में अवैध संबंधों का विरोध करने पर हत्या का मामला सामने आया है। यहां एक बहू ने सास की हत्या प्रेमी संग मिलकर कर दी।
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इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश कुमार मिश्र के मुताबिक राजन (22) मूलरूप से बिहार के सिवान जिले का रहने वाला है। वह यहां गाड़ी चलाता था। वह किराये का कमरा लेने के तीन-चार महीने बाद ही रंजना (35) से घुलमिल गया था। दोनों की फोन पर बातचीत होने लगी थी। वह परिवार के लोगों के नजदीक आ गया था। राजन और रंजना में करीबी संबंध हो गए थे। इसकी जानकारी निर्मला को हो गई थी। निर्मला इसका विरोध करती थीं।
छानबीन में सामने आया है कि रंजना का अक्सर उनके पति त्रिदेश कुमार से झगड़ा होता था। आए दिन विवाद होता देखकर निर्मला को बुरा लगता था। निर्मला बेटे का पक्ष लेती थीं। इससे रंजना अपनी सास से काफी नाराज रहती थी। घटना के तीन दिन पहले से निर्मला अपना खाना अलग बना रही थीं।
तीन दिन पहले रची थी हत्या की साजिश
रंजना ने निर्मला की हत्या की साजिश तीन दिन पहले ही रच ली थी। आरोपी ने राजन से सास को रास्ते से हटाने के लिए कहा था। शनिवार को त्रिदेश ड्यूटी पर दोपहर 1:45 बजे निकल गए। घर पर कोई और नहीं था। मौका पाकर दोनों आरोपियों ने निर्मला के हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद साड़ी से गला कसकर उनकी हत्या कर दी। गुमराह करने के लिए अलमारी और घर का सामान बिखेर दिया। यही नहीं, निर्मला के सारे जेवर चोरी कर लिए और दूसरी जगह छिपा दिया।
पोते ने दी सूचना, झूठ बोलते रहे आरोपी
त्रिदेश का बेटा आदित्य दोपहर ढाई बजे घर पहुंचा तो भीतर दादी मृत पड़ी थीं। आदित्य ने फौरन पिता को घटना की सूचना दी। थोड़ी देर बाद रंजना और राजन भी पहुंच गए। दोनों ने बताया कि काम से वे बाहर गए थे। घरवालों ने लूट के बाद हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने छानबीन की तो त्रिदेश के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। पड़ोसी के कैमरे में राजन और रंजना बाहर जाते दिखाई दिए, लेकिन उनके जाने के बाद कोई और नहीं आया था। संदेह होने पर पुलिस ने पूछताछ की तो दोनों झूठ बोलते रहे। सख्ती करने पर आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया। त्रिदेश बिजली विभाग में संविदा कर्मी हैं। आदित्य डिलीवरी का काम करता है। त्रिदेश की एक बेटी अंशिका है। निर्मला के पति राजेश कुमार योजना भवन में वरिष्ठ सहायक थे।
राजन के पास ठहर गया खोजी कुत्ता
घटना के बाद जांच के लिए डाग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम पहुंची। छानबीन के दौरान खोजी कुत्ता कुछ दूरी पर खड़े राजन के पास जाकर रुक गया। राजन कुत्ते को अपने पास से भगाने लगा। पुलिस टीम को तभी राजन पर शक हो गया था। उसे हिरासत में ले लिया गया। रंजना की गतिविधियां भी संदिग्ध लग रही थीं, जिससे पुलिस को उस पर शक गहरा गया था।