लखनऊ: सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन, बोले- आने का समय तय है, लेकिन जाने का नहीं
लखनऊ नगर निगम मुख्यालय पर सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर एलएसए कंपनी के अधिकारियों पर मनमानी और उत्पीड़न के आरोप लगाए। कर्मचारियों ने पर्याप्त संसाधन नहीं मिलने और वेतन में देरी की शिकायत की। उन्होंने हर माह रुपये मांगने, नौकरी से हटाने की धमकी और एटीएम से पैसे निकालने के गंभीर आरोप भी लगाए।
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नगर निगम मुख्यालय पर मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड के कर्मचारियों ने एलएसए कंपनी के अधिकारियों पर मनमानी और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए काम बंद कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, इसके बावजूद उनसे काम कराया जा रहा है। साथ ही समय पर वेतन नहीं मिलने की भी शिकायत की गई।
‘आने का समय तय है, जाने का नहीं’
सफाई कर्मचारी रेशमा ने आरोप लगाया कि कर्मचारी सुबह चार बजे काम पर पहुंचते हैं और अंगूठा लगाकर हाजिरी दर्ज करते हैं, लेकिन जाने का समय तय नहीं है। उन्होंने कहा कि वेतन देने के मामले में भी अधिकारी ध्यान नहीं देते। कई बार दो महीने तक कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिलती।
ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर के लिए ड्राइवर की व्यवस्था भी नहीं
कर्मचारी अर्जुन ने आरोप लगाया कि एलएसए के एचआर वैभव त्रिपाठी और जोनल अधिकारी पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराते। कर्मचारियों से काम तो कराया जाता है, लेकिन ट्रैक्टर, ट्रॉली और लोडर के लिए ड्राइवर की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। उनका कहना है कि इससे पार्षदों की छवि खराब होती है, जबकि इसमें पार्षदों की कोई गलती नहीं है।
‘दो-तीन हजार रुपये नहीं दिए तो हटाने की धमकी’
अर्जुन ने एलएसए के एचआर वैभव त्रिपाठी और जोनल अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों से हर माह दो से तीन हजार रुपये दिलाने की मांग की जाती है। ऐसा नहीं करने पर नौकरी से हटाने की धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन से पैसे लिए जाते हैं और उनसे एटीएम मांगा जाता है। आरोप है कि एटीएम से पैसे निकालने के बाद बाकी रकम अधिकारियों को देने के लिए कहा जाता है।