Lucknow: नगर निगम की पहली बार बड़ी कार्रवाई, 11 इंजीनियरों का वेतन रोका...जानें आखिर क्यों? हुआ ऐसा
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने नगर निगम में काम में लापरवाही के चलते 11 जूनियर इंजीनियरों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया। वे इंजीनियर शहर में मलवा उठाने व जुर्माना वसूलने के निर्देश सही से लागू नहीं कर रहे थे।
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लखनऊ में काम में लापरवाही पर नगर आयुक्त ने 11 इंजीनियरों का वेतन एक साथ रोक दिया है। इंजीनियरों के खिलाफ इस तरह की कड़ी कार्रवाई पहली बार की गई है। यह कार्रवाई आदेश के बाद शहर में पड़े मलवा उठाने और डालने वालों पर जुर्माना न लगाए जाने को लेकर की गई है।
शहर में लोग घरों के मरम्मत में निकलने वाले मलवा को इधर उधर डाल दे रहे हैं। जिससे गंदगी और प्रदूषण भी बढ़ता है। ऐसा करने वालों पर जुर्माना लगाने और मलवा उठवाकर उसे मलवा निस्तारण प्लांट पर भेजने के निर्देश नगर आयुक्त की ओर से लगातार इंजीनियरों को दिए जाते रहे हैं। उसके बाद भी इंजीनियर लापरवाही कर रहे हैं।
मोहनलागंज के हरिकंश गढ़ी में प्लांट लगाया
जबकि मलवे के उचित निस्तारण को लेकर ही पीपीपी मॉडल पर मोहनलागंज के हरिकंश गढ़ी में प्लांट लगाया है। जहां पर मलवे से ईंट, गमले व टाइल्स आदि उपयोग चीजें बनाने का काम हो रहा है। इसके बाद भी इंजीनियर मलवा उठवानें में लापरवाही कर रहे हैं। जिसको लेकर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने 11 इंजीनियरों का जनवरी माह का वेतन रोकने का आदेश दिया है। ऐसे में अब उनको इस माह मिलने वाला जनवरी का वेतन रोक दिया गया है। इसको लेकर आदेश भी जारी कर दिया गया है।
इन इंजीनियरों का रोका गया वेतन
जोन दो में तैनात अवर अभियंता अशोक कुमार, जोन तीन में तैनात अवर अभियंता नीतू, जोन चार में तैनात अवर अभियंता शिल्पी सिंह व शनि विश्वकर्मा, जोन पांच में तैनात अरुण कुमार मेहता व कैलाश, जोन छह में तैनात अवर अभियंता रमन कुमार सिंह व अभिषेक गुप्ता, जोन सात में तैनात अवर अभियंता दिव्या उपाध्याय और जोनल आठ में तैनात अवर अभियंता राजेंद्र कुमार व लता वर्मा शामिल हैं।
