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लखनऊ तिहरा हत्याकांड: कश्मीरी मोहल्ला की पूरी चौकी लाइन हाजिर, डीजीपी-एसीएस होम ने जाना पीड़ित परिवार का हाल
Sat, 31 Oct 2026 01:04 PM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:04 PM IST
सार
लखनऊ में पार्किंग विवाद के चलते हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर कश्मीरी मोहल्ला चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं, डीजीपी राजीव कृष्ण और एसीएस होम संजय प्रसाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर फास्टट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी सुरक्षा का भरोसा दिया है, जबकि मुख्य आरोपी राजेश और उसकी बेटी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे एसीएस होम और डीजीपी।
- फोटो : वीडियोग्रैब
विस्तार
राजधानी लखनऊ में सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में 26 अक्तूबर को पार्किंग के विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले में पूरी कश्मीरी मोहल्ला चौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्रवाई 28 अक्तूबर को जेसीपी क्राइम अपर्णा कुमार ने गोपनीय तरीके से की। इस मामले में पहले ही पुलिस आयुक्त ने इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी के प्रभारी दरोगा अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया था।
डीसीपी पश्चिम जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जेसीपी क्राइम ने कश्मीरी मोहल्ला चौकी पर तैनात दरोगा शिव कुमार यादव, हेड कांस्टेबल उमेश कुमार और सिपाही पुष्पेंद्र सरोज व रमित गंगवार को लाइन हाजिर कर दिया। उनके मुताबिक, डीसीपी ने कश्मीरी मोहल्ला चौकी पर एक दरोगा की तैनाती भी कर दी है। इसके अलावा 28 अक्तूबर को जेसीपी क्राइम ने राजधानी में तैनात 95 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है।
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डीसीपी पश्चिम जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जेसीपी क्राइम ने कश्मीरी मोहल्ला चौकी पर तैनात दरोगा शिव कुमार यादव, हेड कांस्टेबल उमेश कुमार और सिपाही पुष्पेंद्र सरोज व रमित गंगवार को लाइन हाजिर कर दिया। उनके मुताबिक, डीसीपी ने कश्मीरी मोहल्ला चौकी पर एक दरोगा की तैनाती भी कर दी है। इसके अलावा 28 अक्तूबर को जेसीपी क्राइम ने राजधानी में तैनात 95 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है।
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पर्यवेक्षण अधिकारी और एलआईयू कार्रवाई से बचे
तिहरे हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए थे। नाराज लोगों ने पूरे थाने के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामले में सामने आया था कि आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने पहले से कोई ठोस कदम नहीं उठाया।इतना ही नहीं, इलाके में तैनात एलआईयू कर्मियों को दोनों पक्षों के बीच चल रही रंजिश की भनक तक नहीं लगी। इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज को निलंबित करने के साथ पूरी चौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया लेकिन पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले एसीपी, एडीसीपी और डीसीपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड जैसी कार्रवाई क्यों नहीं
राजधानी के हजरतगंज इलाके में हाल ही में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया गया था। डीसीपी मध्य और एसीपी हजरतगंज को भी पद से हटा दिया गया था। अब सवाल उठ रहे हैं कि एक हत्या के मामले में जब इतनी बड़ी कार्रवाई की गई तो दिनदहाड़े तीन लोगों की गोली मारकर हत्या के मामले में कार्रवाई इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज और सिपाहियों तक ही सीमित क्यों रह गई।लगातार ठिकाने बदल रहा है आरोपी राजेश
वारदात के बाद से राजेश लगातार ठिकाने बदल रहा है। पुलिस की चार टीमें तलाश में लगी हैं। राजेश की बेटी दिव्या पर भी 25 हजार का इनाम है। सर्विलांस की मदद से पुलिस दोनों की लोकेशन पता लगा रही है। पुलिस की एक टीम ने उन्नाव और आसपास के जिलों में दबिश दी लेकिन दोनों का सुराग नहीं लगा। पुलिस ने कुछ रिश्तेदारों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। राजेश के खिलाफ पहले गुंडा एक्ट की कार्रवाई हुई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले से तीन मामले पंजीकृत हैं।पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे एसीएस होम और डीजीपी
ब्राह्मणी टोला में 26 अक्तूबर को पार्किंग के विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले में शुक्रवार को डीजीपी राजीव कृष्ण और एसीएस होम संजय प्रसाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। दोनों ने बंद कमरे में गोलीकांड में मारे गए शिवाजी तिवारी की पत्नी उषा, शंभू तिवारी की पत्नी रुचि और बेटी सुमेधा से बातचीत की। अधिकारियों ने परिवार की सुरक्षा के लिए गनर उपलब्ध कराए। साथ ही मामले की सुनवाई फास्टट्रैक कोर्ट से कराने का आश्वासन भी दिया।उषा तिवारी ने बताया कि डीजीपी ने उनसे कहा कि आपके साथ पूरा न्याय होगा। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद की बात कही। उषा के मुताबिक उन्होंने डीजीपी से आरोपी ऋषभ को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। इसके साथ ही भागे हुए आरोपी राजेश शुक्ला और दिव्या के एनकाउंटर की मांग उठाई।
दोनों अफसर करीब 20 मिनट तक परिवार के साथ मौजूद रहे। उषा ने बताया कि शुक्रवार को दसवीं की पूजा चल रही थी। इसमें वह भी शामिल थीं। अधिकारियों के आने की सूचना पर वह घर पहुंचीं। उषा का कहना है कि पुलिस की अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। आरोपियों के मकान के ध्वस्तीकरण के सवाल पर उषा ने बताया कि इस दिशा में भी पुलिस प्रशासन काम कर रहा है। डीजीपी के आने से पहले संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध अपर्णा कुमार और डीसीपी पश्चिम जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव मौके पर मौजूद रहे।
घटनास्थल का किया निरीक्षण
डीजीपी ने पीड़ित परिवार से बात करने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा पीड़ित परिवार को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई गई है।उषा का कहना है कि ऋषभ का चाचा 25 हजार का इनामी राजेश अभी भी भागा हुआ है। वह आपराधिक प्रवृत्ति का है। ऐसे में वह परिवार के साथ कुछ भी कर सकता है। पुलिस अधिकारियों ने जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
लगातार ठिकाने बदल रहा है आरोपी
वारदात के बाद से राजेश लगातार ठिकाने बदल रहा है। पुलिस की चार टीमें तलाश में लगी हैं। राजेश की बेटी दिव्या पर भी 25 हजार का इनाम है। सर्विलांस की मदद से पुलिस दोनों की लोकेशन पता लगा रही है। पुलिस की एक टीम ने उन्नाव और आसपास के जिलों में दबिश दी लेकिन दोनों का सुराग नहीं लगा। पुलिस ने कुछ रिश्तेदारों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। राजेश के खिलाफ पहले गुंडा एक्ट की कार्रवाई हुई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले से तीन मामले पंजीकृत हैं।पार्षद करवा रहे थे चबूतरे का निर्माण
पीड़ित परिवार का कहना है कि चबूतरे का निर्माण स्थानीय पार्षद करवा रहे थे। इसमें उन लोगों की कोई भूमिका नहीं थी। विवाद के बाद पार्षद ने निर्माण रुकवा दिया था। ऋषभ को लगता था कि शिवाजी चबूतरा बनवाना चाहते हैं। इसके कारण वह रंजिश मानता था।घटना वाले दिन ऋषभ ने ही शिवाजी पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद हुआ था और आरोपी ने तीन लोगों की हत्या कर दी थी। उल्लेखनीय है कि अब तक इस मामले में पुलिस ऋषभ समेत उसके परिवार के छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।