मणिकर्णिका मामला: वाराणसी पुलिस की नोटिस का सांसद संजय सिंह ने दिया जवाब, बोले-सब कुछ वास्तविक...चुप रहना पाप
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने मणिकर्णिका घाट मामले में वाराणसी पुलिस नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि उनके द्वारा साझा किए गए वीडियो और तथ्य वास्तविक हैं।
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काशी में मणिकर्णिका घाट स्थित प्राचीन पौराणिक धरोहरों, शिवलिंगों और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को निर्माण के नाम पर क्षतिग्रस्त किए जाने का वीडियो पोस्ट करने पर राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर एफआईआर की गई। आम आदमी पार्टी ने इसे सत्ता संरक्षण में की जा रही बर्बरता को उजागर करने वालों की आवाज दबाने की साजिश बताया है।
अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को तोड़ा गया
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने वाराणसी पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब दिया। कहा कि अपने X हैंडल से जो वीडियो और तथ्य साझा किए, वे पूरी तरह वास्तविक, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और प्रत्यक्ष साक्ष्यों पर आधारित हैं।
मणिकर्णिका घाट स्थित मणी (चबूतरा), उस पर उकेरी गई कलाकृतियां, प्राण-प्रतिष्ठित शिवलिंग और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को तोड़ा गया, जिसने करोड़ों सनातनियों की आस्था को गहरी ठेस पहुंचाई है। संजय सिंह ने अपने प्रतिउत्तर में कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि बाबा विश्वनाथ की नगरी है, जहाँ हर ईंट और हर घाट का पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है।
जिस मणिकर्णिका घाट को मोक्ष की भूमि माना जाता है, वहां स्थापित शिवलिंग और विरासत स्वरूप संरक्षित की जाने वाली लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को तोड़ना किसी भी सूरत में “विकास” नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आक्रांताओं द्वारा कभी मंदिर तोड़े गए थे तो क्या आज उसी मानसिकता को सत्ता का संरक्षण प्राप्त हो गया है?
सनातन आस्था पर हो रहे कुठाराघात के खिलाफ आवाज उठाई
राज्यसभा सांसद ने कहा कि उन्होंने सरकार के खिलाफ विद्रोह भड़काने के लिए नहीं, बल्कि सनातन आस्था पर हो रहे कुठाराघात के खिलाफ आवाज़ उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं सनातन धर्म में आस्था रखने वाले व्यक्ति हैं और एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका कर्तव्य है कि जहां भी धर्म, आस्था और विरासत पर हमला हो, वहां चुप न रहें।
संजय सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने मणिकर्णिका घाट पर यह बर्बरता की, उनके खिलाफ न तो कोई एफआईआर दर्ज हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई, जबकि सच्चाई उजागर करने वाले पर मुकदमा थोप दिया गया।
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार वाराणसी में विकास के नाम पर धार्मिक और पौराणिक विरासत को मिटाने का काम कर रही है और जब कोई जनप्रतिनिधि या नागरिक इसका विरोध करता है तो उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की जाती है। पार्टी ने कहा कि यह एफआईआर संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है।
पार्टी ने मांग की कि मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज हो और सनातन आस्था से जुड़ी सभी क्षतिग्रस्त संरचनाओं का पुनर्निर्माण कराया जाए। साथ ही संजय सिंह पर दर्ज की गई एफआईआर को तत्काल रद्द किया जाए।
