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UP News: यूपी में आएगी नई आयुष नीति; खुलेंगे अस्पताल, कॉलेज और दवा कंपनियां, बढ़ेगा रोजगार

Wed, 15 Jul 2026 09:33 AM IST
Bhupendra Singh चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Wed, 15 Jul 2026 09:33 AM IST
सार

यूपी में नई आयुष नीति लागू होगी। अस्पताल, कॉलेज और दवा कंपनियां खुलेंगी। इससे रोजगार बढ़ेगा। निवेशकों को कई सहूलियतें मिलेंगी। प्रदेश के अलग- अलग हिस्से में औषधीय खेती कराई जाएगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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New AYUSH policy to be introduced in UP hospitals colleges and pharmaceutical companies to open
अस्पताल- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

विस्तार

उत्तर प्रदेश में आयुष कॉलेज, अस्पताल और दवा बनाने की कंपनियां खुलेंगी। प्रदेश के लोगों को सस्ते दर पर आसानी से उपचार मिले सकेगा। कंपनियों से हर्बल खेती को बढावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। आयुष में निजी निवेशक करने वालों को सरकार कई तरह की सहूलियतें देगी। इसके लिए नई आयुष पालिसी तैयार की जा रही है।

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प्रदेश सरकार आयुष विधा को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब तक खुले अस्पतालों और कॉलेजों को सुविधा संपन्न बनाया जा रहा है। आयुष में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए नई आयुष नीति तैयार की गई है। इस नीति को तैयार करने से पहले विभिन्न राज्यों का अध्ययन किया गया है। 

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आयुष पर्यटन हब बनाने का भी प्रयास

आयुष नीति में दक्षिण के राज्यों के मॉडल का समावेश किया गया है। इसके जरिए उत्तर प्रदेश के आयुष पर्यटन हब बनाने का भी प्रयास किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि नई नीति को प्रमुख रूप से तीन श्रेणी बनाई गई है। पहले श्रेणी में पीपीपी मॉडल पर आयुष कॉलेज एवं 400 बेड के अस्पताल होंगे। इन अस्पतालों में आयुष से जुड़ी सभी विधाओं का संचालन एक ही कैंपस में किया जाएगा। 

दूसरे श्रेणी में आयुष अस्पताल होंगे, जो 50 से 100 बेड तक के होंगे। तीसरी श्रेणी में आयुष पर्यटन ग्राम होंगे, जिसमें अलग- अलग विधाओं के सेंटर स्थापित किए जाएंगे। यहां पंचकर्म, कायाकल्प थेरेपी, शोधना चिकित्सा, स्लिमिंग प्रोग्राम, तनाव प्रबंधन कार्यक्रम, सौंदर्य देखभाल कार्यक्रम, मर्म मसाज सहित सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। 

नई आयुष पालिसी में हर श्रेणी में छूट का प्रावधान किया गया है। सस्ती दर पर जमीन उपलब्ध कराने के साथ ही स्टांप शुल्क, बिजली शुल्क आदि में भी सहूलियतें दी जाएंगी। इसके एवज पर संबंधित निवेशक को सस्ते दर पर स्थानीय लोगों को उपचार व रोजगार उपलब्ध कराना होगा। इससे सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा प्रदेशवासियों को मिलेगा। यहां आयुष विधा के बेहतरीन केंद्र होने से दूसरे राज्यों और दूसरे देश के लोग भी आएंगे।

दवां कंपनी के साथ हर्बल खेती को मिलेगा बढावा

प्रदेश में नौ क्लाइमेट जोन है। हर जोन में अलग- अलग औषधीय खेती के लिए अनुकूल वातावरण है। संबंधित जोन में आयुर्वेदिक दवा उत्पादन इकाई स्थापित करने पर कंपनियों को भी सहूलियतें दी जाएंगी। शर्त यह होगा कि संबंधित कंपनियां ज्यादा से ज्यादा कच्चा माल स्थानीय किसानों से खरीदे और स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए। इसका फायदा यह होगा कि संबंधित क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसान औषधीय खेती करके अपने उत्पाद कंपनियों को बेचेंगे। कम लागत में अधिक मुनाफा कमाएंगे। स्थानीय लोगों को उनके घर के आसपास ही रोजगार मिल सकेगा।

असेवित जिलों में काम करने वालों को ज्यादा अनुदान

सूत्रों का कहना है कि नई पालिसी में असेवित जिलों में कॉलेज, अस्पताल एवं दवा कंपनी स्थापित करने वालों को सर्वाधिक अनुदान दिया जाएगा, जबकि लखनऊ सहित अन्य महानगरों में अनुदान की दरें कम होंगी।

प्रदेश में आयुष विधा को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कोशिस है कि आयुष से जुड़ी हर विधा के उन्नत केंद्र हमारे प्रदेश में हों। आयुष के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा निवेशक आएं, इसके लिए नई नीति तैयार हो रही है। इसमें कई ऐसे प्रावधान किए जा रहे हैं, जिससे उपचार की सुविधाएं ही नहीं बल्कि यहां की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। -डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
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