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Lucknow News: शिकायत करने वाले आईपीएस के मकान पर ही चस्पा किया नोटिस
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लखनऊ। एलडीए की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाले एक मामले में विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि अवैध निर्माण की शिकायत करने वाले सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के मकान पर ही एलडीए ने नोटिस चस्पा कर दिया। मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद विजिलेंस टीम मंगलवार को एलडीए कार्यालय पहुंची और संबंधित फाइलों व अभिलेखों की पड़ताल की। जांच के दायरे में उस समय तैनात पांच अभियंता हैं।
मामला कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी के सेक्टर-डी, एच-2/8 का है। यहां रहने वाले सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जग नायक सिंह ने पड़ोसी डॉ. विनीत अग्रवाल के मकान में हो रहे निर्माण की शिकायत एलडीए से की थी। उनका आरोप था कि आवासीय मकान में अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है।
शिकायत मिलने के बाद एलडीए के अभियंताओं ने जांच शुरू की। इसी दौरान जग नायक सिंह के मकान पर ही नोटिस चस्पा कर दिया गया। इससे नाराज आईपीएस अधिकारी ने हाईकोर्ट की शरण ली। सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें विजिलेंस में जांच के लिए प्रार्थना पत्र देने का निर्देश दिया। इसके बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जांच में अभियंताओं की लापरवाही या बदनीयती साबित हुई तो यह एलडीए के लिए बड़ा धब्बा साबित होगा।
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पांच अभियंताओं की खंगाली जा रही कुंडली
विजिलेंस अधिकारियों ने मंगलवार को एलडीए पहुंचकर संबंधित फाइलें और अभिलेख खंगाले। सूत्रों के मुताबिक जांच के दायरे में एक्सईएन कमलजीत सिंह, जेई दिवाकर त्रिपाठी, एई विनोद कुमार सिंह, जेई जहूर आलम और जेई इम्तियाज अहमद हैं। इनमें से एक जेई वर्तमान में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में तैनात बताया जा रहा है। विजिलेंस नोटिस जारी करने का आधार, अभियंताओं की कार्रवाई, नियमों के पालन और शिकायतकर्ता के खिलाफ हुई कार्रवाई की परिस्थितियों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि शिकायतकर्ता के मकान पर नोटिस जारी करने में किसी तरह की लापरवाही या जानबूझकर की गई कार्रवाई तो नहीं हुई।
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मामला कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी के सेक्टर-डी, एच-2/8 का है। यहां रहने वाले सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जग नायक सिंह ने पड़ोसी डॉ. विनीत अग्रवाल के मकान में हो रहे निर्माण की शिकायत एलडीए से की थी। उनका आरोप था कि आवासीय मकान में अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है।
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शिकायत मिलने के बाद एलडीए के अभियंताओं ने जांच शुरू की। इसी दौरान जग नायक सिंह के मकान पर ही नोटिस चस्पा कर दिया गया। इससे नाराज आईपीएस अधिकारी ने हाईकोर्ट की शरण ली। सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें विजिलेंस में जांच के लिए प्रार्थना पत्र देने का निर्देश दिया। इसके बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जांच में अभियंताओं की लापरवाही या बदनीयती साबित हुई तो यह एलडीए के लिए बड़ा धब्बा साबित होगा।
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पांच अभियंताओं की खंगाली जा रही कुंडली
विजिलेंस अधिकारियों ने मंगलवार को एलडीए पहुंचकर संबंधित फाइलें और अभिलेख खंगाले। सूत्रों के मुताबिक जांच के दायरे में एक्सईएन कमलजीत सिंह, जेई दिवाकर त्रिपाठी, एई विनोद कुमार सिंह, जेई जहूर आलम और जेई इम्तियाज अहमद हैं। इनमें से एक जेई वर्तमान में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में तैनात बताया जा रहा है। विजिलेंस नोटिस जारी करने का आधार, अभियंताओं की कार्रवाई, नियमों के पालन और शिकायतकर्ता के खिलाफ हुई कार्रवाई की परिस्थितियों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि शिकायतकर्ता के मकान पर नोटिस जारी करने में किसी तरह की लापरवाही या जानबूझकर की गई कार्रवाई तो नहीं हुई।