कोरोना के बढ़ते संक्रमितों और घटती रिकवरी से हालात चिंताजनक, स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां बढ़ीं
राजधानी लखनऊ में रविवार को नए मरीजों के मिलने की दर अचानक बढ़ गई, जबकि ठीक होने की दर चिंताजनक स्थिति तक पहुंच गई। दोनों में रिकॉर्ड नौ फीसदी के अंतर से स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां बढ़ गई हैं। रविवार की रिपोर्ट में करीब 24 फीसदी सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि 17 और 18 जुलाई को मिलाकर कुल करीब 1630 सैंपल की रिपोर्ट आई है। रविवार को पहले से भर्ती कुल मरीजों में 9.8 फीसदी मरीज और बढ़ गए, जबकि ठीक होने की दर गिरकर 0.8 फीसदी पर पहुंच गई। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग मरीजों के लिए नए विकल्प के रूप में शिल्पग्राम को देख रहा है।
तीन-चार दिन में गिर जाता है डिस्चार्ज मरीजों का ग्राफ
अस्पतालों में नए मरीज जुड़ने की दर हर तीन से चार दिन पर बढ़ जा रही है और डिस्चार्ज होने वालों की दर गिरती जा रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई में यही ट्रेंड लगातार चल रहा है। सामान्य तौर पर तीन से चार फीसदी तक मरीजों की बढ़ोतरी और डेढ़ से दो फीसदी तक डिस्चार्ज होने की गति बनी रहे तो स्वास्थ्य विभाग हालात नियंत्रित करने में कामयाब रहता है।
सैंपल बढ़ते ही बढ़ जाते हैं मरीज
राजधानी के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां सैंपल लेने की गति बढ़ते ही मरीजों के मिलने का ग्राफ भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 13 जुलाई को सर्वाधिक 1103 सैंपल लिए गए थे। इसके बाद 14 को 828 और 15 को 935 सैंपल लिए गए। 16 को आई रिपोर्ट में 308 मरीज पाए गए। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था। इसके बाद सैंपल लेने की गति धीमी की गई।
17,18 और 19 जुलाई को मिलाकर करीब 2800 सैंपल लिए गए। सैंपल लेने की गति थोड़ा धीमी करने से दो दिन तक मरीजों की संख्या भी कम रही, लेकिन 19 जुलाई को आई रिपोर्ट ने 392 मरीजों के साथ एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
शिल्पग्राम में लगेंगे 500 बेड, हफ्तेभर में पूरी तैयारी
शिल्पग्राम को सप्ताह भर पहले ही कोविड केयर सेंटर के रूप में चयनित कर लिया गया था। रविवार को यहां बेड भेजवाने की कवायद शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सप्ताहभर में इसे पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। यहां 500 मरीज भर्ती किए जाएंगे। चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों के रहने का भी यहां इंतजाम है।
फैमिली कोर्ट, डीआरएम दफ्तर व एटीएस मुख्यालय बंद
कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद फैमिली कोर्ट, डीआरएम दफ्तर व एटीएस मुख्यालय बंद रहेंगे। फैमिली कोर्ट के कर्मचारी और एक वकील के कोरोना पॉजिटिव मिलने की सूचना पर जिला जज एके ओझा ने सोमवार को कोर्ट बंद रखने और पूरे परिसर को सैनिटाइज करने का निर्देश दिया है। अब कोर्ट 21 जुलाई को खुलेगी। वहीं 20 जुलाई को आपराधिक मामलों में 21 जुलाई जबकि दीवानी मामलों में 19 अगस्त की जनरल डेट तय की गई है।
वहीं पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के मंडल वित्त प्रबंधक कार्यालय के अधिकारी की कोरोना से मौत के बाद डीआरएम दफ्तर 20 व 21 जुलाई के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा एटीएस के मुख्यालय पर तीन सिपाहियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद मुख्यालय को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। यह जानकारी एडीजी एटीएस डीके ठाकुर ने दी।
हर चुनौती से निपटेंगे
संक्रामक रोग नियंत्रण नियंत्रण प्रभारी डॉ. केपी त्रिपाठी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग हर चुनौती से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। हज हाउस के बाद अब शिल्पग्राम को कोविड केयर सेंटर के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। अगले सप्ताह तक यहां मरीजों की भर्ती शुरू कर दी जाएगी। आसपास के जिलों से भी चिकित्सक और चिकित्सा कर्मियों की मांग की गई है।

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