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दो बजे तक ओपीडी, सैंपल कलेक्शन 11:30 बजे तक
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प्रतीकात्मक।
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लखनऊ। निरालानगर की 55 वर्षीय रीता देवी शनिवार को दोपहर 12 बजे अलीगंज सीएचसी पहुंचीं। डॉक्टर ने उन्हें सीबीसी और थायराइड की जांचें लिखी थी। रीता जांच काउंटर पर पहुंचीं, तो उन्हें निराशा हाथ लगी। काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने यह कहकर उन्हें लौटा दिया कि सैंपल लेने का समय खत्म हो गया है, कल सुबह आइए। कर्मचारियों का तर्क था कि 11:30 बजे के बाद नमूने नहीं लिए जाते, क्योंकि उन्हें आगे रामसागर मिश्रा अस्पताल भेजना होता है।
राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं में स्पोक एंड हब मॉडल मरीजों के लिए वरदान के बजाय आफत बनता जा रहा है। जिले की 20 सीएचसी में ओपीडी भले ही दोपहर 2 बजे तक चलती हो, लेकिन शहरी क्षेत्रों में सीएचसी की पैथोलॉजी जांच के काउंटर महज साढ़े तीन घंटे में ही समेट दिए जाते हैं। अलीगंज सीएचसी का मामला इस सिस्टम की विफलता की एक बानगी मात्र है, जबकि हकीकत में यह जिले के लगभग सभी केंद्रों की कहानी बन चुकी है। बीकेटी, इटौंजा, गुडंबा, माल, मलिहाबाद और काकोरी सीएचसी से भी रोजाना दर्जनों मरीज इसी तरह निराश होकर लौट रहे हैं।
1 बजे की जगह 11:30 पर ही तालाबंदी
जिले की सीएचसी पर ओपीडी सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक रहती है। नियमानुसार सैंपल कलेक्शन दोपहर 1 बजे तक चलना चाहिए, मगर कर्मचारी स्पोक एंड हब मॉडल की आड़ लेकर सुबह 11:30 बजे ही काउंटर बंद कर देते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सभी नमूने एकत्र कर समय से बड़े अस्पताल (हब) भेजने होते हैं, इसलिए वे जल्दी काम बंद कर देते हैं। इसका सीधा खामियाजा उन मरीजों को भुगतना पड़ता है जो दूर-दराज के गांवों से किराया खर्च कर शहर आते हैं।
इन जांच के लिए नमूने बड़े अस्पताल भेजे जा रहे
बायोकेमेस्ट्री, हेमेटोलॉजी, इलेक्ट्रोलाइट, हॉर्मोन्स, लिपिड प्रोफाइल और फीवर मार्कर जैसी जांच के लिए सैंपल रामसागर मिश्रा अस्पताल भेजे जा रहे हैं। सीएचसी में इन जांच की सुविधा नहीं है।
Iसभी सीएचसी में नमूने लेने का समय सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित है। इस मामले को लेकर सीएचसी अधीक्षक से जवाब मांगा जाएगा। मरीजों के इलाज और जांच में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।I
Iडॉ. एनबी सिंह, सीएमओI
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राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं में स्पोक एंड हब मॉडल मरीजों के लिए वरदान के बजाय आफत बनता जा रहा है। जिले की 20 सीएचसी में ओपीडी भले ही दोपहर 2 बजे तक चलती हो, लेकिन शहरी क्षेत्रों में सीएचसी की पैथोलॉजी जांच के काउंटर महज साढ़े तीन घंटे में ही समेट दिए जाते हैं। अलीगंज सीएचसी का मामला इस सिस्टम की विफलता की एक बानगी मात्र है, जबकि हकीकत में यह जिले के लगभग सभी केंद्रों की कहानी बन चुकी है। बीकेटी, इटौंजा, गुडंबा, माल, मलिहाबाद और काकोरी सीएचसी से भी रोजाना दर्जनों मरीज इसी तरह निराश होकर लौट रहे हैं।
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1 बजे की जगह 11:30 पर ही तालाबंदी
जिले की सीएचसी पर ओपीडी सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक रहती है। नियमानुसार सैंपल कलेक्शन दोपहर 1 बजे तक चलना चाहिए, मगर कर्मचारी स्पोक एंड हब मॉडल की आड़ लेकर सुबह 11:30 बजे ही काउंटर बंद कर देते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सभी नमूने एकत्र कर समय से बड़े अस्पताल (हब) भेजने होते हैं, इसलिए वे जल्दी काम बंद कर देते हैं। इसका सीधा खामियाजा उन मरीजों को भुगतना पड़ता है जो दूर-दराज के गांवों से किराया खर्च कर शहर आते हैं।
इन जांच के लिए नमूने बड़े अस्पताल भेजे जा रहे
बायोकेमेस्ट्री, हेमेटोलॉजी, इलेक्ट्रोलाइट, हॉर्मोन्स, लिपिड प्रोफाइल और फीवर मार्कर जैसी जांच के लिए सैंपल रामसागर मिश्रा अस्पताल भेजे जा रहे हैं। सीएचसी में इन जांच की सुविधा नहीं है।
Iसभी सीएचसी में नमूने लेने का समय सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित है। इस मामले को लेकर सीएचसी अधीक्षक से जवाब मांगा जाएगा। मरीजों के इलाज और जांच में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।I
Iडॉ. एनबी सिंह, सीएमओI
