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Lucknow News: हर दिन 45 से 50 कॉपियों की जांच करेंगे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 08 Mar 2026 02:25 AM IST
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लखनऊ। राजधानी में यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होगा। निशातगंज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज सहित शहर के पांच केंद्रों पर यह प्रक्रिया एक अप्रैल तक चलेगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार शिक्षकों को प्रतिदिन तय संख्या में कॉपियों का मूल्यांकन करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि परिषद के आदेश के तहत मूल्यांकन कार्य निर्धारित केंद्रों पर कराया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए जिला स्तर पर एक पर्यवेक्षक तैनात रहेगा, जबकि प्रत्येक केंद्र पर एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की जाएगी। परीक्षकों के समय पर उपस्थित रहने के लिए ऑनलाइन और बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की गई है, जिसकी निगरानी जिला और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से होगी।
मूल्यांकन कार्य प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी की निगरानी में कराया जाएगा। राजकीय और अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को प्रतिदिन हाईस्कूल की 50 और इंटरमीडिएट की कम से कम 45 कॉपियों का मूल्यांकन करना होगा। अंकेक्षक अपनी दैनिक रिपोर्ट उप नियंत्रक और जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजेंगे। इसके अलावा प्रतिदिन कम से कम 15 कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन भी किया जाएगा।
मूल्यांकन केंद्रों के अंदर किसी भी शिक्षक को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हाईस्कूल परीक्षा में कुल 70 अंकों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें 20 अंक ओएमआर शीट और 50 अंक उत्तर पुस्तिका में लिखे गए उत्तरों के आधार पर दिए जाएंगे।
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जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि परिषद के आदेश के तहत मूल्यांकन कार्य निर्धारित केंद्रों पर कराया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए जिला स्तर पर एक पर्यवेक्षक तैनात रहेगा, जबकि प्रत्येक केंद्र पर एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की जाएगी। परीक्षकों के समय पर उपस्थित रहने के लिए ऑनलाइन और बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की गई है, जिसकी निगरानी जिला और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से होगी।
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मूल्यांकन कार्य प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी की निगरानी में कराया जाएगा। राजकीय और अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को प्रतिदिन हाईस्कूल की 50 और इंटरमीडिएट की कम से कम 45 कॉपियों का मूल्यांकन करना होगा। अंकेक्षक अपनी दैनिक रिपोर्ट उप नियंत्रक और जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजेंगे। इसके अलावा प्रतिदिन कम से कम 15 कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन भी किया जाएगा।
मूल्यांकन केंद्रों के अंदर किसी भी शिक्षक को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हाईस्कूल परीक्षा में कुल 70 अंकों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें 20 अंक ओएमआर शीट और 50 अंक उत्तर पुस्तिका में लिखे गए उत्तरों के आधार पर दिए जाएंगे।
