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पंचायत चुनाव : समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग 20 नवंबर तक नहीं दे पाएगा रिपोर्ट, तीन महीने में चुनाव संभव नहीं
Mon, 02 Nov 2026 08:33 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 02 Nov 2026 08:33 PM IST
सार
आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान स्थितियों में आयोग 31 दिसंबर से पहले अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाएगा। इसलिए आयोग न्यूनतम तीन माह का समय बढ़ाने की मांग कर सकता है।
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विस्तार
यूपी में तीन माह में ग्राम पंचायत चुनाव कराने के हाईकोर्ट के आदेश के बीच राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। आयोग निर्धारित समय 20 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंप पाएगा। आयोग सरकार से अतिरिक्त समय की मांग करेगा।
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सूत्रों के मुताबिक, त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए गठित इस आयोग के सामने सबसे बड़ी बाधा जिलों का व्यापक भ्रमण और आंकड़ों का सटीक परीक्षण है। आयोग अब तक प्रदेश के 75 जिलों में से केवल 50 जिलों का ही भ्रमण कर पाया है। शेष 25 जिलों में सर्वे और जनसुनवाई का कार्य अभी बाकी है, जिससे तय समय में रिपोर्ट तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा है।
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बता दें, 21 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया था। तब आयोग का कार्यकाल छह महीने का निर्धारित किया गया था।
आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान स्थितियों में आयोग 31 दिसंबर से पहले अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाएगा। इसलिए आयोग न्यूनतम तीन माह का समय बढ़ाने की मांग कर सकता है। इन स्थितियों में यह स्पष्ट हो गया है कि तीन माह में पंचायत चुनाव संभव नहीं हो पाएंगे।