400 प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी: निपुणता का इम्तिहान नवंबर में, 2000 से अधिक शिक्षक बीएलओ ड्यूटी में
निपुण मिशन के तहत बालवाटिका से कक्षा तीन तक बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (एफएलएन) का आकलन 75 फीसदी सटीकता के मानक पर किया जाता है। विद्यार्थी को निपुण तब माना जाता है, जब वह अपनी कक्षा के निर्धारित भाषा और गणित की दक्षताओं से जुड़े 75 फीसदी प्रश्नों के उत्तर सही होते हैं।
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जिन कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक कम हैं, उन्हीं कक्षाओं में नवंबर में बच्चों की निपुणता परखी जाएगी। राजधानी के 400 प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। वहीं 2000 से अधिक शिक्षक पिछले काफी समय से बीएलओ ड्यूटी में लगे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद 1200 से अधिक परिषदीय स्कूलों में बालवाटिका से कक्षा तीन तक के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को निपुण आकलन में शामिल करने की तैयारी है।
नगर क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात सही नहीं है। ऐसे में बच्चों की नियमित पढ़ाई के बीच नवंबर में होने वाला निपुण आकलन विभाग के सामने बड़ी चुनौती है। आकलन की रूपरेखा को लेकर डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक भी हो चुकी है।
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निपुण मिशन के तहत बालवाटिका से कक्षा तीन तक बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (एफएलएन) का आकलन 75 फीसदी सटीकता के मानक पर किया जाता है। विद्यार्थी को निपुण तब माना जाता है, जब वह अपनी कक्षा के निर्धारित भाषा और गणित की दक्षताओं से जुड़े 75 फीसदी प्रश्नों के उत्तर सही होते हैं।
80 फीसदी बच्चे निपुण तो विद्यालय भी निपुण: बीएसए विपिन कुमार ने बताया कि किसी विद्यालय की कक्षा में पंजीकृत कुल विद्यार्थियों में से 80 फीसदी या उससे अधिक छात्र भाषा और गणित दोनों में निपुण लक्ष्य हासिल करते हैं तो उस कक्षा या विद्यालय को 'निपुण विद्यालय' घोषित किया जाता है। आकलन ओएमआर शीट आधारित होगा। निष्पक्षता के लिए स्वतंत्र डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
भाषा से गणित तक परखी जाएगी दक्षता
- बालवाटिका और आंगनबाड़ी स्तर पर दो-तीन अक्षर वाले सरल शब्द पढ़ने, अपने नाम की पहचान, एक से नौ तक की संख्याओं की पहचान, लेखन और गणना की क्षमता परखी जाएगी।
- कक्षा एक में चार से पांच सरल शब्दों वाले वाक्य पढ़ने तथा 20 तक की संख्याओं की पहचान, एक-अंकीय जोड़ और घटाव का आकलन होगा।
- कक्षा दो में छह से आठ वाक्यों के अज्ञात पाठ को स्पष्टता से पढ़कर 75 फीसदी प्रश्नों के सही उत्तर देने होंगे। साथ ही 99 तक की दो-अंकीय संख्याओं का जोड़-घटाव हल करना होगा।
- कक्षा तीन में आठ से दस वाक्यों के अज्ञात अनुच्छेद को समझकर पढ़ने और 75 फीसदी प्रश्नों के सही उत्तर देने होंगे। गणित में तीन अंकीय जोड़-घटाव और दो-अंकीय गुणा के 75 फीसदी प्रश्न सही हल करने होंगे।