यूपी: कौशल विकास मिशन के प्रमाण पत्र अब डिजीलॉकर पर, ऑनलाइन होगा सत्यापन
अब कंपनियों और एम्प्लायर्स के लिए अभ्यर्थियों के दावों और सर्टिफिकेट्स की प्रामाणिकता जांचना बेहद आसान हो जाएगा। ऑनलाइन सत्यापन से नौकरी के दौरान डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन में लगने वाला समय बचेगा और फर्जी या जाली सर्टिफिकेट्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह से लगाम लगेगी।
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उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को अब अपने कौशल प्रमाणपत्र के लिए कागजी दस्तावेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मिशन ने नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी और डिजीलॉकर की व्यवस्था से अपना एकीकरण पूरा कर लिया है. अब प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को उनके कौशल प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सकेंगे।
इस व्यवस्था के तहत प्रमाणपत्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखा जाएगा। अभ्यर्थी अपने डिजीलॉकर अकाउंट के जरिए इन्हें कभी भी देख, डाउनलोड और जरूरत के अनुसार साझा कर सकेंगे। इससे प्रमाणपत्र खोने या खराब होने की समस्या भी नहीं रहेगी।
इस पूरी प्रक्रिया को नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के सहयोग से पूरा किया गया है। इसके लिए संस्थागत पंजीकरण, डिजिटल प्रमाणपत्र की व्यवस्था, प्रमाणपत्र के प्रारूप तैयार करने और अभ्यर्थियों के पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल करने का काम पूरा किया जा चुका है।
एम्प्लायर के लिए आसान होगा सत्यापन: अब कंपनियों और एम्प्लायर्स के लिए अभ्यर्थियों के दावों और सर्टिफिकेट्स की प्रामाणिकता जांचना बेहद आसान हो जाएगा। ऑनलाइन सत्यापन से नौकरी के दौरान डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन में लगने वाला समय बचेगा और फर्जी या जाली सर्टिफिकेट्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया, डिजिटल प्रमाणपत्र की सुविधा से प्रशिक्षित युवाओं को अपने कौशल का प्रमाण देश में कहीं भी आसानी से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार की प्रक्रिया भी अधिक सरल और पारदर्शी हो सकेगी।
कागज से डिजिटल व्यवस्था की ओर कदम
कौशल विकास मिशन का यह कदम कौशल प्रमाणन व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है. प्रमाणपत्रों के सुरक्षित डिजिटल कलेक्शन के साथ अभ्यर्थियों को 24 घंटे अपने दस्तावेजों तक पहुंच मिलेगी। वहीं, प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन सत्यापन से एम्प्लायर का भरोसा भी बढ़ेगा। डिजिटल प्रमाणन की यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश में कौशल विकास से जुड़े रिकॉर्ड और प्रमाणपत्रों को आधुनिक, सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन निदेशक पुलकित खरे का कहना है कि स्किल सर्टिफिकेट युवाओं के लिए उनके प्रशिक्षण और योग्यता का महत्वपूर्ण प्रमाण है। इसे डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने से अभ्यर्थियों को अपने प्रमाणपत्र सुरक्षित रखने और जरूरत के समय आसानी से इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी। मिशन का प्रयास है कि तकनीक का उपयोग कर कौशल विकास से जुड़ी सेवाओं को युवाओं के लिए अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाए।