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Lucknow News: कहीं 10 साल तो कहीं 13 साल से सिलिंडर ही नहीं

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2026 02:44 AM IST
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Somewhere there is no cylinder for 10 years and somewhere for 13 years.
गैस संकट।
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लखनऊ। गैस सिलिंडर की किल्लत का असर सरकारी विद्यालयों में भी देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि कहीं 20 दिनों से तो कहीं एक माह से सिलिंडर से नहीं है। बुधवार को भी अमर उजाला की टीम ने माल व मलिहाबाद ब्लाक के सरकारी स्कूलों की पड़ताल की।
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केस-1 : प्राथमिक विद्यालय भतोईया में 20 दिनों से सिलिंडर नहीं

मलिहाबाद के प्रथमिक विद्यालय भतोईया में लगभग 20 दिनों से दिनों से सिलिंडर नहीं है। बच्चो का खाना लकड़ी की आग पर बन रहा है। इंचार्ज शिक्षिका अनीता वर्मा ने बताया कि स्कूल के नाम गैस का कनेक्शन का रजिस्ट्रेशन है, लेकिन उनको कई वर्षों से कॉपी नहीं मिली है। यहां 72 बच्चे आते हैं।
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केस- 2 : 14 दिनों से नहीं है सिलिंडर

मलिहाबाद के गौशखेड़ा प्राथमिक विद्यालय में 14 दिनों से सहायक अध्यापक उमैर गैस सिलिंडर लेने के लिए भारत गैस एजेंसी अमानीगंज का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन नहीं मिला है। गैस एजेंसी से जानकारी मिली कि उनके सिलिंडर लेने की लिमिट पूरी हो गई है। तो अब गैस नहीं मिलेगी। यहां 33 बच्चों का खाना बनता है।



केस- 3 - एक माह से नहीं मिला सिलिंडर

अमानीगंज प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल विनीता भारती ने बताया कि सिलिंडर बुकिंग करने पर ओटीपी न आने से लेकर लगभग एक माह से गैस सिलिंडर विद्यालय में नहीं है। पूर्व की तरह गोबर के बने कंडे व लकड़ियों बच्चों का खाना बन रहा जिससे विद्यालय में काफ़ी धुवां होता है। कुल बच्चे 126 हैं।कई जगह लेने के लिए प्रयास किया गया लेकिन सब अपना अपना सिलिंडर इस्तेमाल कर रहे हैं।



केस- 4- माल के थरी उच्च प्राथमिक विद्यालय खो गई सिलिंडर की कॉपी

माल थरी उच्च प्राथमिक विद्यालय में 212 बच्चों का खाना एक साल से मिट्टी के चूल्हे पर बन रहा है। इंचार्ज अर्चना मिश्रा ने बताया कि पूर्व में तैनात रही प्रधानाचार्य नसीम आरा के सेवानिवृत्त होने के बाद चार्ज के समय सिलिंडर की कनेक्शन कॉपी नहीं मिल पायी। जिसके कारण लकड़ी से खाना बन रहा है।



केस- 5- यहां 10 साल से सिलिंडर नहीं

करेंद प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज सुषमा देवी ने बताया कि 10 साल पूर्व प्रधान ने हरदोई जनपद के संडीला से गैस कनेक्शन कराया था। उतनी दूर जाना संभव नहीं है। ब्लैक में सिलिंडर लेकर काम चला रहे हैं।



केस-6- यहां भी खो गई कॉपी, नहीं मिल रहा सिलिंडर

प्राथमिक विद्यालय सेखवापुर थरी के इंचार्ज नीरज कुमार वर्मा ने बताया कि नामांकित 56 बच्चों का भोजन एक सप्ताह से लकड़ी से बनाया जा रहा है। पहले चौराहे से सिलिंडर मिल जाता था। अब किल्लत होने पर कनेक्शन की कॉपी न होने की वजह से गैस नहीं मिल पा रही है। बीइओ को जानकारी दे दी गयी है।


केस- 7 : यहां 13 साल से सिलिंडर नहीं

गहदेव उच्च प्राथमिक विद्यालय (कंपोजिट) के इंचार्ज अजय वर्मा के मुताबिक चार्ज में कनेक्शन की कॉपी न मिलने से सिलिंडर और चूल्हा होने के बावजूद नामांकित 122 बच्चों का खाना हमेशा लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा है। रसोइया मीना देवी ने बताया कि वह 13 साल से लकड़ी की आंच पर खाना बना रही हैं।


केस- 8 : बीईओ नहीं कर रहे सहयोग

प्राथमिक विद्यालय तिवारी खेड़ा की प्रधानाध्यापक मीना वर्मा ने बताया कि 15 दिनों से गैस न मिल पाने के कारण 93 बच्चों का भोजन लकड़ी से बन रहा है। बीइओ से बताया जा चुका है। कोई सहयोग नहीं मिल रहा है।



केस- 9- 15 दिन से आ रही समस्या

प्राथमिक विद्यालय चंदवारा की इंचार्ज सुधा राय ने बताया कि गैस न मिल पाने के कारण 37 बच्चों का 15 दिन से लकड़ी से खाना बन रहा है। बीईओ को जानकारी दी जा चुकी है। प्रधान का सहयोग नहीं मिल रहा है।



केस- 10- यहां भी बच्चों को मुश्किल से मिल रहा भोजन

नरायनपुर प्रथमिक विद्यालय के 65 , नरायनपुर उच्च प्राथमिक कंपोजिट विद्यालय के 86, सुक्खा खेड़ प्राथमिक विद्यालय के 55 बच्चों का खाना लकड़ी से चूल्हे पर बनाया जा रहा है। गोड़वा बरोकी प्राथमिक स्कूल की इंचार्ज सरिता ने बताया कि बीते 10 दिन से गैस न मिलने के कारण 44 बच्चों का खाना लकड़ी से बन रहा है। देवरी गजा प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज अरविंद अग्निहोत्री ने बताया कि एक सिलिंडर चोरी हो गया था। एक का कनेक्शन निरस्त हो गया है।
डीएम ने तलब की रिपोर्ट
इस संबंध में अमर उजाला की ओर से पहले दिन 300 विद्यालयों में भोजन के संकट पर प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी विशाख जी ने बीएसए से रिपोर्ट तलब की। वहीं खंड शिक्षा अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है।
Iजिले के किसी भी विद्यालय में मध्यान्ह भोजन बनाने में गैस की कमी आड़े न आए इसकी व्यवस्था शुरू से की गई है। बीएसए के माध्यम से बुधवार रिपोर्ट तलब की गई। विद्यालयों के अध्यापकों की ओर से भी यह लिख कर भेजा गया है कि गैस की कोई किल्लत नहीं है।I
I- विशाख जी, जिलाधिकारी लखनऊI

गैस संकट।

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