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Lucknow News: आईटीआई अलीगंज में कोपा के साथ एआई भी पढ़ेंगे विद्यार्थी
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लखनऊ। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज में कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा) कोर्स के साथ पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पढ़ाई शुरू की गई है। इससे विद्यार्थियों को कंप्यूटर कौशल के साथ आधुनिक तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि एआई की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। कोपा कोर्स में 48 सीटें हैं।
शुरुआत में एआई के चार विषय शामिल किए गए हैं। इनमें एआई फंडामेंटल्स के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। एआई टूल्स और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के अंतर्गत चैटजीपीटी, जेमिनाई जैसे टूल्स का व्यावहारिक इस्तेमाल सिखाया जाएगा। इसके अलावा डेटा हैंडलिंग और ऑटोमेशन तकनीक की जानकारी भी दी जाएगी। विद्यार्थियों को कोडिंग और डाटाबेस कौशल के साथ एआई आधारित डाटा प्रबंधन और कामकाज को आसान बनाने वाले टूल्स का प्रशिक्षण मिलेगा। इसकी जिम्मेदारी शिक्षिका नीलू कुशवाहा को सौंपी गई है।
रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
आईटीआई प्लेसमेंट सेल के अधिकारी एमए खां के अनुसार, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग, ई कॉमर्स और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में एआई कौशल की मांग बढ़ रही है। ऐसे में एआई की जानकारी रखने वाले विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। वे डाटा प्रबंधन, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में भी काम कर सकेंगे। फ्रीलांसिंग के जरिये स्वरोजगार के विकल्प भी तलाश सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, रोजगार मेलों में शामिल होने वाली कंपनियां लंबे समय से कोपा के साथ एआई का ज्ञान देने पर जोर दे रही थीं।
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Iविद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करना इस पहल का उद्देश्य है। संस्थान में एआई लैब बनाने का प्रस्ताव भी है जिसका लाभ विद्यार्थियों को अगले वर्ष से मिलने की उम्मीद है। -राजकुमार यादव, प्रधानाचार्य आईटीआईI
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शुरुआत में एआई के चार विषय शामिल किए गए हैं। इनमें एआई फंडामेंटल्स के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। एआई टूल्स और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के अंतर्गत चैटजीपीटी, जेमिनाई जैसे टूल्स का व्यावहारिक इस्तेमाल सिखाया जाएगा। इसके अलावा डेटा हैंडलिंग और ऑटोमेशन तकनीक की जानकारी भी दी जाएगी। विद्यार्थियों को कोडिंग और डाटाबेस कौशल के साथ एआई आधारित डाटा प्रबंधन और कामकाज को आसान बनाने वाले टूल्स का प्रशिक्षण मिलेगा। इसकी जिम्मेदारी शिक्षिका नीलू कुशवाहा को सौंपी गई है।
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रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
आईटीआई प्लेसमेंट सेल के अधिकारी एमए खां के अनुसार, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग, ई कॉमर्स और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में एआई कौशल की मांग बढ़ रही है। ऐसे में एआई की जानकारी रखने वाले विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। वे डाटा प्रबंधन, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में भी काम कर सकेंगे। फ्रीलांसिंग के जरिये स्वरोजगार के विकल्प भी तलाश सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, रोजगार मेलों में शामिल होने वाली कंपनियां लंबे समय से कोपा के साथ एआई का ज्ञान देने पर जोर दे रही थीं।
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Iविद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करना इस पहल का उद्देश्य है। संस्थान में एआई लैब बनाने का प्रस्ताव भी है जिसका लाभ विद्यार्थियों को अगले वर्ष से मिलने की उम्मीद है। -राजकुमार यादव, प्रधानाचार्य आईटीआईI