सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Suna Hai Kya: Saheb's subordinates are being implicated in running a drug syndicate

Suna Hai Kya: ड्रग्स सिंडिकेट चलाने में फंस रहे साहेब के मातहत, दफ्तर में आग का अंदेशा, पढ़ें आज की कानाफूसी

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Mon, 09 Mar 2026 11:33 AM IST
विज्ञापन
सार

पुलिसिंग की नई इबारत लिखने वाले एक साहब की जब विदाई हुई तो उनके मातहत ड्रग्स सिंडिकेट चलाने में फंस रहे हैं। भगवा दल में माननीय संगठन के साथ ही सरकार में अपनी कुर्सी बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। वहीं, एक विभाग के अधिकारी तो पहले ही अचानक आग लगने और फाइलें राख होने की आशंका जता रहे हैं। पढ़ें, आज की कानाफूसी:

Suna Hai Kya: Saheb's subordinates are being implicated in running a drug syndicate
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

एक साहब अधिवक्ताओं और खबरनवीसों की आपराधिक छवि बनाने में खुद के विभाग में क्या हो रहा है इस पर नजर रखना ही भूल गए। उनके जाने के बाद अब नित नए खुलासे हो रहे हैं। वहीं, भगवा दल के नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए हरसंभव जोड़तोड़ कर रहे हैं तो एक विभाग में कर्मचारी पहले ही अचानक आग लगने की आशंक जता रहे हैं। पढ़ें, आज की कानाफूसी: 
Trending Videos


अपने गिरेबान में तो झांक लेते
राजधानी के पड़ोस के कमिश्नरेट में एक साहब ने पुलिसिंग की नई इबारत लिखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अधिवक्ताओं और खबरनवीसों की आपराधिक छवि को दिन-रात तलाशने के चक्कर में अपने गिरेबान में झांकना भूल गए। अब उनकी विदाई के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उनके मातहत ड्रग्स का सिंडिकेट चलाने में फंस रहे हैं। अब भला कौन मानेगा कि पारखी नजर वाले पूर्व साहब को इसकी भनक नहीं लगी होगी या फिर वह संपत्तियों के मामलों में ही विशेष नजर रखने में वक्त खपा रहे थे। थोड़ी नजर मातहतों पर भी डाली होती तो खाकी को शर्मिंदा नहीं होना पड़ता।
विज्ञापन
विज्ञापन


मजबूत जोड़ तोड़ने की कोशिश
भगवा दल संगठन में बदलाव की बयार के बीच पिछले कई वर्षों से संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर जमे कई कुर्सीधारी फेविकोल के मजबूत जोड़ को टूटने से बचाने में जुटे हैं। पिछले पांच-छह वर्षों में संगठन की कुर्सी के साथ ही अब माननीय बन चुके ऐसे तमाम पदाधिकारी हैं जो दोनों कुर्सियों पर कब्जा बरकरार रखना चाहते हैं। हालांकि संगठन के नए निजाम अभी हवा का रुख भांप रहे हैं। चर्चा है कि निजाम पूरे घर के बदल डालेंगे की तर्ज पर मंथन में जुटे हैं। माना जा रहा है कि जल्द तस्वीर साफ होगी कि किसका जुगाड़ काम आता है।

दफ्तर में आग का अंदेशा
कमिश्नर बहादुर के कार्यस्थल के किसी हिस्से में आग लग जाए तो हैरान होने की जरूरत नहीं है। उनके मातहत ही इसकी आशंका जता रहे हैं। दरअसल कमिश्नर बहादुर ने कई ऐसे आदेश करा दिए हैं जो सिर्फ और सिर्फ सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। दिल्ली तक पहुंच की हनक में उन्होंने नियम-कायदों का ध्यान ही नहीं रखा। शहरों में सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द करने के कई मामले तहसीलों में दाखिल खारिज के लिए पहुंचे तो मातहत अफसरों ने न सिर्फ हाथ खड़े कर दिए, बल्कि मामले सार्वजनिक भी कर दिए। मातहत बताते हैं इन करतूतों की कई फाइलें फिलहाल छिपा दी गई हैं ताकि किसी के हाथ न लगें। इन्हीं फाइलों की आहुति अग्निदेव को दे देने का अंदेशा जताया जा रहा है।

आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी या समाचार हो तो 8859108085 पर व्हाट्सएप करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed