सुना है क्या: आज 'पीड़ित को बना दिया गुनहगार' की कहानी, साथ ही साहब का मैनेजमेंट व लक्ष्मी की उपासना के किस्से
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
विस्तार
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'ऐसी कॉल... जिसने पीड़ित को ही बना दिया गुनहगार' की कहानी। इसके अलावा 'लक्ष्मी की उपासना, 100 खून माफ' और 'चर्चा में साहब का मैनेजमेंट' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...
चर्चा में साहब का मैनेजमेंट
करोड़ों की ब्लैकमेलिंग में आलाकमान की नाराजगी का दंश झेल रहे एक साहब के दिन बहुरने वाले हैं। उनके खिलाफ हुई शिकायत वापस लेने की चर्चा जोरों पर है और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों की चुप्पी इसे बल दे रही है। उनका पहले भी मैनेजमेंट ऐसा रहा कि जांच में सब ऑल वेल मिलता गया। हालांकि अब उनके विरोधी भी सक्रिय हो चुके हैं और उनकी मुख्यधारा में वापसी को मुश्किल बनाने में कोई कसर नहीं बाकी रख रहे हैं। भले ही मामला सधता दिख रहा हो, लेकिन एक केंद्रीय एजेंसी उन पर घात लगाए है। इंतजार केवल सही मौके का है, जिसके बाद नई फाइल खुलनी तय मानी जा रही है।
लक्ष्मी की उपासना, 100 खून माफ
मैडम का कुत्ता प्रेम तो पहले से ही जगजाहिर है, अब लक्ष्मी की उपासना के उनके किस्से भी खूब चर्चा में हैं। एक अधीनस्थ अधिकारी के खिलाफ 100 से ज्यादा एफआईआर हैं, पर लक्ष्मी पूजा का परिणाम है कि अधीनस्थ अधिकारी के खिलाफ चल रही विभागीय जांच को मैडम ने क्लीन चिट दे दी। अब मैडम मेहरबान तो सौ खून भी माफ। खैर, मेहरबानी की वजह लक्ष्मी की कृपा ही बताई जा रही है।
ऐसी कॉल...जिसने पीड़ित को ही बना दिया गुनहगार
राजधानी में जमीन कब्जाने का मामला हुआ। मामला बाहुबली से जुड़ा था। पीड़ित को सरेआम धमकाया गया। असल खेल तब हुआ जब पीड़ित को ही गुनहगार बना उसी पर एफआईआर कर दी गई। ये सबकुछ ऐसे ही नहीं हुआ। कमिश्नरेट में तैनात नंबर दो के अफसर के पास एक कॉल पहुंची थी। अफसर कॉल पर सक्रिए हुए। उस संदेश को अफसर ने तत्काल थाने तक पहुंचाया। तब पीड़ित पर केस दर्ज हुआ। अब हर तरफ चर्चा है कि आखिर अफसर के पास कॉल किसने की थी। जिसके दबाव में साहब आ गए। खुद को बच गए लेकिन थानेदार निपटा दिए गए।