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Ram Mandir: दो तिहाई बहुमत से तय होगा चंपत राय और अनिल मिश्रा का भविष्य, 6 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक

Thu, 02 Jul 2026 03:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन मिश्र, अयोध्या
नितिन मिश्र, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 02 Jul 2026 03:43 AM IST
सार

इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार वोटिंग से होगा। इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा।
 

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The future of Champat Rai and Anil Mishra will be decided by a two-thirds majority.
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद पहली बार 6 जुलाई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होगी। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार वोटिंग से होगा। इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा।

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ट्रस्ट के बायलॉज में किसी पदाधिकारी को सिर्फ उसके पद एवं दायित्व से मुक्त करने का प्रावधान है। यदि चंपत राय को महासचिव पद से हटाया भी जाता है तो वे ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे। यही व्यवस्था अन्य पदाधिकारियों पर भी लागू होती है। वर्तमान में ट्रस्ट के 14 सदस्यों में से दो सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में बैठक में 12 ट्रस्टियों की राय ली जाएगी।
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पूर्व की बैठकों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैयाजी जोशी और विश्व हिंदू परिषद के दिनेश चंद्र आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होते रहे हैं। इस बार भी उनके शामिल होने की संभावना है। विहिप के राष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा और केंद्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे को भी आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जा सकता है। यदि उन्हें मतदान का अधिकार दिया जाता है तो उनकी भूमिका भी निर्णायक होगी।
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रामलला की मूर्ति का भी वोटिंग से हुआ था चयन
रामलला की मूर्ति के चयन के समय भी ट्रस्ट ने मतदान की प्रक्रिया अपनाई थी। उस समय ट्रस्ट में 15 सदस्य थे और 11 ट्रस्टियों ने कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज की प्रतिमा के पक्ष में मतदान किया था। दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद उसी प्रतिमा का चयन हुआ जो वर्तमान में राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित है।


ट्रस्ट में बदलाव की जरूरत नहीं
ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का कहना है कि ट्रस्ट में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है। बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष परमानंद, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि और कृष्ण मोहन के रुख पर भी नजर रहेगी। सूत्रों के अनुसार इनमें कुछ सदस्य चंपत के पक्ष में हैं तो कुछ बदलाव के पक्षधर हैं।

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