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रसूल ने प्यार, मोहब्बत और इंसानियत की तालीम दी : कारी मोहम्मद सिद्दीक
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रसूल ने प्यार, मोहब्बत और इंसानियत की तालीम दी : कारी मोहम्मद सिद्दीक
( फोटो)
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मदरसा दारुलमुबलिगीन पाटानाला के वरिष्ठ अध्यापक एवं मस्जिद सुबहानिया के इमाम व खतीब कारी मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी इंसानियत को प्यार, मोहब्बत और इंसानियत की तालीम दी। वह किसी एक कौम, जाति या क्षेत्र के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की रहनुमाई और हिदायत के लिए तशरीफ लाए। रसूल की लाई हुई शरीअत पर अमल करने में ही कामयाबी है।
अकबरी गेट स्थित एक मीनारा मस्जिद में मरकजी जमीयतुल हुफ्फाज की ओर से आयोजित सालाना बारह रोजा नबी-ए-आखिरुज्जमां के दूसरे जलसे को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिमी तालीम व तहजीब को कामयाबी का जरिया समझना सही नहीं है। इस्लामी तहजीब व तमद्दुन में पूरी इंसानियत की कामयाबी का रास्ता है।
जलसे की शुरुआत मदरसा आलिया फरकानिया के कारी मोहम्मद अनस और कारी मोहम्मद हसन की तिलावते कुरआन पाक से हुई। मोहम्मद कैफ व कारी ताहा ने नात व मनकबत पेश की। इस दौरान मोहम्मद अली खान, अबूबकर, कारी अब्दुल गनी, अयाज अहमद सिद्दीकी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। समापन कारी मोहम्मद सिद्दीक की दुआ से हुआ।
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मदरसा दारुलमुबलिगीन पाटानाला के वरिष्ठ अध्यापक एवं मस्जिद सुबहानिया के इमाम व खतीब कारी मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी इंसानियत को प्यार, मोहब्बत और इंसानियत की तालीम दी। वह किसी एक कौम, जाति या क्षेत्र के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की रहनुमाई और हिदायत के लिए तशरीफ लाए। रसूल की लाई हुई शरीअत पर अमल करने में ही कामयाबी है।
अकबरी गेट स्थित एक मीनारा मस्जिद में मरकजी जमीयतुल हुफ्फाज की ओर से आयोजित सालाना बारह रोजा नबी-ए-आखिरुज्जमां के दूसरे जलसे को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिमी तालीम व तहजीब को कामयाबी का जरिया समझना सही नहीं है। इस्लामी तहजीब व तमद्दुन में पूरी इंसानियत की कामयाबी का रास्ता है।
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जलसे की शुरुआत मदरसा आलिया फरकानिया के कारी मोहम्मद अनस और कारी मोहम्मद हसन की तिलावते कुरआन पाक से हुई। मोहम्मद कैफ व कारी ताहा ने नात व मनकबत पेश की। इस दौरान मोहम्मद अली खान, अबूबकर, कारी अब्दुल गनी, अयाज अहमद सिद्दीकी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। समापन कारी मोहम्मद सिद्दीक की दुआ से हुआ।
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