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Lucknow News: दलाल बोला- सरकारी अस्पताल में नहीं मिलता इलाज...मर जाते हैं मरीज

Wed, 19 Aug 2026 02:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 02:18 AM IST
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The tout said, You don't get treatment at the government hospital... patients die
लखनऊ। सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं मिलता, यहां मरीज मर जाते हैं। सिविल अस्पताल की इमरजेंसी से ट्रॉमा सेंटर रेफर हुई बुजुर्ग महिला के पति विश्वनाथ पांडेय को निजी अस्पताल के दलाल ने फोन पर यही कहकर डराया। इसके बाद बेहतर और सस्ता इलाज दिलाने का झांसा देकर उन्हें ट्रॉमा सेंटर के पास स्थित यूनाइटेड हॉस्पिटल ले जाया गया। पति का आरोप है कि वहां इलाज, दवा और जांच के नाम पर करीब 60 हजार रुपये वसूले गए। बाद में पत्नी पार्वती देवी की मौत हो गई। उन्होंने पत्नी के पैरों से पायल और बिछिया गायब होने का आरोप भी लगाया है।
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चारबाग निवासी विश्वनाथ पांडेय के अनुसार, वह 21 जून को दोपहर करीब ढाई बजे पत्नी पार्वती देवी को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे थे। ईएमओ ने विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध न होने की बात कहकर उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। विश्वनाथ का आरोप है कि ट्रॉमा पहुंचने से पहले ही सिविल अस्पताल की इमरजेंसी से उनका मोबाइल नंबर किसी दलाल तक पहुंच गया। कुछ देर बाद दलाल ने फोन कर सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं मिलने की बात कही और उन्हें निजी अस्पताल आने के लिए कहा।
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विश्वनाथ के मुताबिक, दलाल के झांसे में आकर वह पत्नी को निजी अस्पताल ले गए। वहां भर्ती, दवा और जांच के नाम पर करीब 60 हजार रुपये लिए गए। उनका आरोप है कि भर्ती के दौरान पत्नी के पैरों में पहनी दो पायल और बिछिया भी गायब थी। शिकायत करने की बात कहने पर दलाल ने जान से मारने की धमकी दी।
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विश्वनाथ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई थी, लेकिन करीब दो महीने बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने जांच में लापरवाही और सांठगांठ का आरोप लगाया है।

मामले संज्ञान में है। जांच जारी है, साक्ष्यों के आधार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ
इमरजेंसी से मरीज के निकलते ही तीमारदार का नंबर दलाल तक पहुंचना गंभीर मामला है। इसमें डॉक्टर या कर्मचारी की संलिप्तता मिलने पर पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. जीपी गुप्ता, निदेशक सिविल अस्पताल
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