अमर उजाला इंपैक्ट: फर्जीवाड़ा में बिजली विभाग के मुख्य अभियंता समेत तीन फंसे, मुख्यमंत्री ऑफिस ने कराई थी जांच
राजधानी में फर्जीवाड़ा में बिजली विभाग के मुख्य अभियंता समेत तीन लोग फंस गए हैं। अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ऑफिस ने जांच कराई। जांच में तीनों दोषी मिले। प्रिय जेई को बचाने के लिए निर्दोष नितिन चौधरी को दोषी बनाकर अध्यक्ष व एमडी को रिपोर्ट भेजी गई थी। आगे पढ़ें पूरा मामला...
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राजधानी लखनऊ में अमौसी जोन के मुख्य अभियंता महफूज आलम, अधिशासी अभियंता (कलेक्शन) नीरज कुमार सहित तीन अभियंता फर्जीवाड़ा करने में फंस गए हैं। मुख्य अभियंता ने उद्यमी को बिजली कनेक्शन न देने के दोषी प्रिय जेई आरके चौधरी को बचाने के लिए निर्दोष जेई नितिन चौधरी को दोषी बनाकर पावर कॉर्पोरेशन अध्यक्ष व मध्यांचल निगम की एमडी को फर्जी रिपोर्ट भेजी थी। इससे नितिन का पूर्वांचल डिस्काम तबादला हो गया। इस फर्जीवाड़े का दो सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है।
अमर उजाला ने 10 जनवरी को मुख्य अभियंता व अधिशासी अभियंता की कारस्तानी का खुलासा करते हुए खबर छापी थी। इस खबर का मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया। साथ ही कमेटी से जांच कराने का निर्देश दिया था। जांच अमौसी जोन के ही अधिशासी अभियंता अवनीश कुमार व योगेश जायसवाल ने की। जांच में आरके चौधरी दोषी मिला। यह उपभोक्ता को प्रताड़ित कर रहा था।
एमडी को नहीं भेजी रिपोर्ट
मध्यांचल निगम के एक बड़े अफसर ने बताया कि नितिन चौधरी ने आरके चौधरी के दोषी होने पर शीर्ष अफसरों से ट्रांसफर निरस्त करने की गुहार लगाई। शीर्ष अफसरों ने मध्यांचल निगम से रिपोर्ट मांगी। निगम की एमडी ने मुख्य अभियंता से उसी दिन रिपोर्ट मांगी, जिस दिन पत्र भेजा था। मगर, मुख्य अभियंता ने 18 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट एमडी को नहीं भेजी।
कमेटी पर जांच रिपोर्ट बदलने का दबाव
जो जांच रिपोर्ट पावर कॉर्पोरेशन के शीर्ष अफसरों और मध्यांचल एमडी तक पहुंच चुकी, उसको बदलने का कुचक्र रचा जा रहा है। एक अफसर ने बताया कि कमेटी के दोनों सदस्यों को एक जिम्मेदार ने अपने कार्यालय बुलाकर जांच रिपोर्ट उनके मुताबिक करने का दबाव बनाया जा रहा है।