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Lucknow News: तीन साल पहले भी हुई थी विजिलेंस जांच, दब गया था मामला
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तीन साल पहले भी हुई थी विजिलेंस जांच, दब गया था मामला
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पूर्व एआरटीओ ललित कुमार से 20 करोड़ की सपंत्ति का खुलासा
विजिलेंस ने लखनऊ स्थित आवास पर मारा छापा
लखनऊ। आगरा में तैनात रहे पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की टीम ने तीन साल पहले भी छापा मारा था। सूत्र बताते हैं कि मामले को दबा दिया गया था। वहीं बुधवार को विजिलेंस की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। भ्रष्ट अफसर सकते में आ गए हैं।
दरअसल उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान विजिलेंस की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एआरटीओ ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी तथा हीरे के बहुमूल्य आभूषण बरामद किए। इनकी कीमत 20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में बुधवार को हड़कंप मच गया। सूत्र बताते हैं कि ललित कुमार संभागीय निरीक्षक आरआई के पद से प्रमोट होकर एआरटीओ बने थे। वह लंबे समय तक हरदोई में भी तैनात रहे, जहां उनके भ्रष्टाचार के कई किस्से आज भी सुने जा सकते हैं।
दांत से पैसा पकड़ते थे ललित कुमार
परिवहन विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि आरआई से प्रमोट होकर एआरटीओ बने ललित कुमार के भ्रष्टाचार के बारे में यह कहा जाता है कि वह दांत से पैसा पकड़ते थे। वाहनों की फिटनेस से लेकर डीएल तक, उनके पास जो जिम्मेदारी रही, उन्होंने भरसक पैसा कमाया। यही वजह है कि कई दलाल उनके बेहद करीबी रहे।
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भ्रष्ट अफसर सकते में, पैसा लगा रहे ठिकाने
सूत्र बताते हैं कि परिवहन विभाग के भ्रष्ट अफसर इस कार्रवाई से सकते में आ गए हैं। वह डर गए हैं। वे अपनी कालीकमाई ठिकाने लगाने में जुट गए हैं। इतना ही नहीं भ्रष्ट परिवहन अधिकारियों का रिकाॅर्ड भी विजिलेंस की टीम खंगाल सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है।
पैसे को लेकर बेटी व दामाद से थी अनबन
परिवहन विभाग में ललित कुमार को लेकर बुधवार को दिनभर चर्चाएं होती रहीं। अधिकारियों ने आपसी चर्चा में बताया कि ललित कुमार ने बेटी व दामाद के नाम काफी संपत्ति, सोना-चांदी आदि खरीदे थे। सेवानिवृत्त होने के बाद वह लगातार अपना पैसा वापस मांग रहे थे, जिसे लेकर अनबन चल रही थी।
भ्रष्ट अफसरों की शह पर डीएल एजेंसियां कर रहीं लूट
परिवहन विभाग के भ्रष्ट अफसरों की शह पर डीएल बनाने वाली एजेंसियां सिल्वर टच, फोकाम व रोजमार्टा प्राइवेटकर्मियों से वसूली व लूट कर रही हैं। दर्जनों के शिकायतों के बाद भी डीएल एजेंसी के खिलाफ भ्रष्ट अधिकारी जांच नहीं होने दे रहे हैं। हाल ही में पीड़ितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, जिसके बाद जांच की उम्मीद जगी है।
विजिलेंस ने लखनऊ स्थित आवास पर मारा छापा
लखनऊ। आगरा में तैनात रहे पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की टीम ने तीन साल पहले भी छापा मारा था। सूत्र बताते हैं कि मामले को दबा दिया गया था। वहीं बुधवार को विजिलेंस की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। भ्रष्ट अफसर सकते में आ गए हैं।
दरअसल उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान विजिलेंस की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एआरटीओ ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी तथा हीरे के बहुमूल्य आभूषण बरामद किए। इनकी कीमत 20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में बुधवार को हड़कंप मच गया। सूत्र बताते हैं कि ललित कुमार संभागीय निरीक्षक आरआई के पद से प्रमोट होकर एआरटीओ बने थे। वह लंबे समय तक हरदोई में भी तैनात रहे, जहां उनके भ्रष्टाचार के कई किस्से आज भी सुने जा सकते हैं।
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दांत से पैसा पकड़ते थे ललित कुमार
परिवहन विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि आरआई से प्रमोट होकर एआरटीओ बने ललित कुमार के भ्रष्टाचार के बारे में यह कहा जाता है कि वह दांत से पैसा पकड़ते थे। वाहनों की फिटनेस से लेकर डीएल तक, उनके पास जो जिम्मेदारी रही, उन्होंने भरसक पैसा कमाया। यही वजह है कि कई दलाल उनके बेहद करीबी रहे।
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भ्रष्ट अफसर सकते में, पैसा लगा रहे ठिकाने
सूत्र बताते हैं कि परिवहन विभाग के भ्रष्ट अफसर इस कार्रवाई से सकते में आ गए हैं। वह डर गए हैं। वे अपनी कालीकमाई ठिकाने लगाने में जुट गए हैं। इतना ही नहीं भ्रष्ट परिवहन अधिकारियों का रिकाॅर्ड भी विजिलेंस की टीम खंगाल सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है।
पैसे को लेकर बेटी व दामाद से थी अनबन
परिवहन विभाग में ललित कुमार को लेकर बुधवार को दिनभर चर्चाएं होती रहीं। अधिकारियों ने आपसी चर्चा में बताया कि ललित कुमार ने बेटी व दामाद के नाम काफी संपत्ति, सोना-चांदी आदि खरीदे थे। सेवानिवृत्त होने के बाद वह लगातार अपना पैसा वापस मांग रहे थे, जिसे लेकर अनबन चल रही थी।
भ्रष्ट अफसरों की शह पर डीएल एजेंसियां कर रहीं लूट
परिवहन विभाग के भ्रष्ट अफसरों की शह पर डीएल बनाने वाली एजेंसियां सिल्वर टच, फोकाम व रोजमार्टा प्राइवेटकर्मियों से वसूली व लूट कर रही हैं। दर्जनों के शिकायतों के बाद भी डीएल एजेंसी के खिलाफ भ्रष्ट अधिकारी जांच नहीं होने दे रहे हैं। हाल ही में पीड़ितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, जिसके बाद जांच की उम्मीद जगी है।

तीन साल पहले भी हुई थी विजिलेंस जांच, दब गया था मामला