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Lucknow News: सेकंड हैंड वाहनों के खरीद के नाम पर ट्रस्ट के हड़पे 2.50 करोड़
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लखनऊ। इंदिरानगर सेक्टर ए स्थित हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट की चेयरपर्सन डॉक्टर ऋचा मिश्रा ने आरबीएल के ब्रांच मैनेजर मलय मोहन और ट्रस्ट के मेडिकल कॉलेज के सीईओ वरुण श्रीवास्तव पर 2.50 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। दोनों पर सेकंड हैंड वाहनों की खरीद के नाम पर जालसाजी का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर गाजीपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
डॉ. ऋचा ने बताया कि वर्तमान में आरबीएल बैंक की इंदिरानगर शाखा के मैनेजर मलय मोहन वर्ष 2016 से उनकी ट्रस्ट की बैंकिंग गतिविधियों को देखता था। मलय के कहने पर ही उन्होंने वरुण को मेडिकल कॉलेज का सीईओ बनाया था। ऋचा ने बताया कि ट्रस्ट को सेकंड हैंड वाहनों की जरूरत थी। आरोप है कि मलय ने 2.50 करोड़ में सेकंड हैंड कारें, एंबुलेंस और बसें दिलाने की बात कही थी। आरोप है कि मलय और वरुण ने योजना बनाकर ट्रस्ट से पूरी रकम ले ली और खुद वाहनों का उपयोग करने लगे। ट्रस्ट को न तो वाहन मिले और न ही रकम मिली। आरोप है कि मलय ने ठगी में अपने नाम पर बने दो फर्जी पैन कार्ड का इस्तेमाल किया था। ऋचा ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर उन्होंने आरोपियों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर गाजीपुर राजेश मौर्या ने बताया कि मामले की विवेचना दरोगा प्रभात बालियान कर रहे हैं। पीड़िता से गबन संबंधी दस्तावेज और बैंक अकाउंट की जानकारी मांगी जाएंगी। वादी और आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्य संकलन होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. ऋचा ने बताया कि वर्तमान में आरबीएल बैंक की इंदिरानगर शाखा के मैनेजर मलय मोहन वर्ष 2016 से उनकी ट्रस्ट की बैंकिंग गतिविधियों को देखता था। मलय के कहने पर ही उन्होंने वरुण को मेडिकल कॉलेज का सीईओ बनाया था। ऋचा ने बताया कि ट्रस्ट को सेकंड हैंड वाहनों की जरूरत थी। आरोप है कि मलय ने 2.50 करोड़ में सेकंड हैंड कारें, एंबुलेंस और बसें दिलाने की बात कही थी। आरोप है कि मलय और वरुण ने योजना बनाकर ट्रस्ट से पूरी रकम ले ली और खुद वाहनों का उपयोग करने लगे। ट्रस्ट को न तो वाहन मिले और न ही रकम मिली। आरोप है कि मलय ने ठगी में अपने नाम पर बने दो फर्जी पैन कार्ड का इस्तेमाल किया था। ऋचा ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर उन्होंने आरोपियों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर गाजीपुर राजेश मौर्या ने बताया कि मामले की विवेचना दरोगा प्रभात बालियान कर रहे हैं। पीड़िता से गबन संबंधी दस्तावेज और बैंक अकाउंट की जानकारी मांगी जाएंगी। वादी और आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्य संकलन होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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