UP: 69000 शिक्षक भर्ती, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री आवास का किया घेराव; जानें पूरा मामल
अभ्यर्थियों ने कहा कि हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी पिछले लगभग छह वर्ष से लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं सरकार से मांग करते हैं।
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69000 शिक्षक भर्ती मामले में एक बार फिर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर दण्डवत प्रणाम करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता का आरोप है कि इस प्रकरण पर सरकार कोई पहल नहीं कर रही। जिस कारण से मामला लटकता चला जा रहा। इस प्रकरण की पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सितंबर माह 2024 में हुई थी उसके बाद से लगातार तारीख पर तारीख मिल रही है।
'कोई पहल नहीं की जा रही'
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण के निस्तारण के लिए सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। इस प्रकरण पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, मुख्यमंत्री द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट और लखनऊ हाई कोर्ट की डबल बेंच का फैसला सब हमारे पक्ष में हैं। लेकिन, फिर भी हमारे साथ न्याय इसलिए नहीं किया जा रहा है।
हम पिछड़े और दलित समाज से आते हैं
क्योंकि हम पिछड़े और दलित समाज से आते हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी पिछले लगभग छह वर्ष से लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं सरकार से मांग करते हैं, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी जा रही। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपंकर दत्ता एवं जॉर्ज मशीह बेंच में डेट लगी है।
सरकार को कोर्ट में अपना पक्ष रखना है अगर 19 मई को सरकार अपना पक्ष स्पष्ट रख देती है तो मामला का निस्तारण बहुत जल्द हो जाएगा जिसका इंतजार हम लोग करीब 20 महीने से कर रहे है लेकिन सरकार करीब 30 डेट से सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में डेट ले लेती है। सुनवाई न होने से सभी अभ्यर्थी आहत हैं।