UP: सपा में टूट की खबरों के बीच राजभर का बड़ा दावा- ये सासंद तोड़ देगा पार्टी; सपा ने दी प्रतिक्रिया
सुभासपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी में संभावित टूट का दावा करते हुए कहा कि एक सांसद बागी गुट का नेतृत्व कर सकता है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला और कई मुद्दों पर सवाल उठाए। जवाब में समाजवादी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए खारिज किया है।
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विस्तार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। उन्होंने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए सपा सांसदों के टूटने को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बिना किसी नाम लिए लिखा है कि सपा सांसदों के टूटने वाले गुट का नेतृत्व बागी बलिया की धरती से ताल्लुक रखने वाले एक सांसद करेंगे।
राजभर ने इशारा किया है कि बुधवार को सपा कार्यालय में आयोजित सम्मेलन में ब्राम्हणों का जिस तरह से तिरस्कार किया गया है, उससे 'बागी बलिया' का लाल बहुत आहत है। इस घटना ने आग में घी डालने का काम किया है।
अरे वो, सपाई लोडरों! तुम्हें क्या लगा ओम प्रकाश राजभर भूल गया?
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 18, 2026
PDA यानी 'पीट देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' (सपाई) की दूसरी किस्त जारी नहीं करेगा?
दलितों पर सपाई यादवों और सपाई मुसलमानों के अत्याचार को जोनवार और कमिश्नरेटवार सार्वजनिक नहीं करेगा?
तो यह तुम्हारी गलतफहमी…
राजभर ने लिखा है कि 'मेरी एक प्रतिक्रिया पर जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया, उससे ज्यादा बेहतर है कि अखिलेश ट्विटर, ऐसी और पीसी वाली नेतागिरी छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू कर दें और दुखी एवं निराश सांसदों के घर जाकर उनसे माफी मांगे।'
आंकड़ों के आधार पर दिया जवाब
सुभासपा अध्यक्ष ने दलितों पर अत्याचार संबंधी सपा के आरोप का जवाब भी आंकड़ों के आधार पर दिया है। उन्होंने पुलिस रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि सपा अध्यक्ष ने जिन शहरों में सर्वाधिक दलितों पर अत्याचार होने की बात कही है, उन सभी शहरों में अत्याचार करने वाले यादव व मुस्लिम समुदाय के लोग हैं।
उन्होंने अपने इस बयान के साक्ष्य के तौर पर आंकड़ा भी दिया है। राजभर ने लिखा है गोरखपुर जोन में दर्ज कुल 760 मामलों में 297 यादव और 344 मुस्लिम शामिल रहे हैं। इसी तरह बनारस जोन में जहां 603 मामलों में 650 यादव और 178 मुस्लिमों पर दलित उत्पीड़न के मुकदमे दर्ज हैं।
ऐसे ही आगरा जोन में 287 केस में 85 यादव और 93 मुस्लिमों, और कानपुर जोन में 334 मुकदमों में 166 यादव और 57 मुस्लिरों पर दलितों को धमकाते, गाली देने, पीटने और हत्या के मामले दर्ज हैं। उन्होंने प्रयागराज, बरेली, मेरठ, आगरा, लखनऊ समेत सभी जोन के भी आंकड़ा देकर सपा को घेरा है।
सपा का जवाब- ओमप्रकाश दायरे में रह कर बात करें
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की ओर से सपा में बड़ी टूट होने के संकेत के बयान पर बलिया के सपा सांसद सनातन पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सांसद ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर को अपने दायरे में रहकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब मजलूमों, किसानों, दलितों व भारत के संविधान व लोकतंत्र को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ेगी तो भी मैं तैयार हूं।
सपा में टूट और 20 से 25 सांसदों के समर्थन पर पलटवार करते हुए सांसद ने कहा कि देश के गरीबों और वंचित वर्ग की आवाज उठाने वाला कोई सांसद भाजपा के दबाव में नहीं आएगा। यदि किसी को भाजपा के कृत्यों का विरोध करना है तो उसे अपने पद से इस्तीफा देकर जनता के बीच जाना चाहिए।
सांसद ने ओमप्रकाश राजभर और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष की आवाज दबाने के लिए विभिन्न संस्थाओं और एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। भाजपा की नीतियां गरीबों, मजदूरों, शोषितों और वंचितों के हितों के खिलाफ हैं।
सांसद सनातन पांडे ने कहा कि बलिया की पहचान हमेशा से बागी तेवर और संघर्ष की रही है। अंग्रेजों का विरोध सबसे पहले बलिया के बेटे मंगल पांडेय ने किया था। देश की आजादी से पहले स्वतंत्र होने का गौरव महाराष्ट्र का सतारा, उत्तर प्रदेश का बलिया और बंगाल का मेदिनीपुर शामिल था। बलिया की भूमिका हमेशा अग्रणी रही है। यही कारण है कि बलिया को बागी बलिया कहा जाता है।
कहा- बलिया ने राष्ट्रीय राजनीति को दिशा दी
सांसद सनातन पांडेय ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का उल्लेख करते हुए कहा कि बलिया की धरती ने ऐसे नेतृत्व को जन्म दिया है, जिसने राष्ट्रीय राजनीति को दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि यदि लोकतंत्र, संविधान और देशहित की रक्षा के लिए संघर्ष की आवश्यकता पड़ी तो वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर वह नए मंगल पांडे की भूमिका निभाने के लिए भी तैयार हैं।
अखिलेश बोले- लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट कर रही भाजपा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फिर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट कर रही है। इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा का कोई छल, बल, धोखा और चाल कामयाब नहीं होगी।
पार्टी मुख्यालय पर बृहस्पतिवार को विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है।
अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। कन्नौज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, गाजीपुर, हाथरस, कानपुर समेत कई जिलों में बच्चियों की निर्मम हत्याएं हुई है। भाजपा सरकार ने सपा सरकार में महिला सुरक्षा के लिए बनाई गई 1090 सेवा को निष्क्रिय कर दिया।
उन्होंने कहा कि फर्जी एनकाउंटर का डंका पीटा जा रहा है जबकि इससे कानून व्यवस्था में सुधार नहीं होगा।उन्होंने कहा कि हर विभाग में भ्रष्टाचार है। सरकारी धन की लूट हो रही है। आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को भाजपा सरकार का संरक्षण है।
ओपी राजभर की पोस्ट ने सपा में मचाई खलबली
यूपी में समाजवादी पार्टी क्या टूटने जा रही है? बीते कुछ समय से भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेता लगातार सपा में टूट की बात कह रहे हैं। इसी बीच सुभासपा अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने एक्स पर पोस्ट करके सरगर्मी और बढ़ा दी है। उन्होंने लिखा कि, 'कल से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है? तो सुनो!
सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा। और करे भी क्यों न?' इतना ही नहीं उन्होंने आगे लिखा कि, 'कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे 'बागी बलिया' का लाल बहुत आहत है।
योजना पहले से थी, लेकिन कल की घटना ने आग में घी डालने का काम कर दिया। उन्होंने दावा किया कि टूट होकर रहेगी।' अपनी पोस्ट में मंत्री ने आगे लिखा कि, 'मेरी एक प्रतिक्रिया पर जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया है, उससे ज्यादा बेहतर है कि अखिलेश बाबू ट्विटर और पीसी वाली नेतागिरी छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू कर दें। दुखी एवं निराश सांसदों के घर जाकर उनसे माफी मांगें।'
राजभर बोले- आपकी लंका में आग लगने वाली है
राजभर ने अखिलेश यादव का बिना नाम लिए तंज कसा। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट से लिखा- आपकी लंका में आग लगने वाली है और आप दूसरों की चिंता में लगे हैं। गजब आदमी हैं महाराज आप। आप पुराने मित्र हैं, इसलिए पहले ही बता दिया।
बचा सकते हैं तो बचा लीजिए अपनी पार्टी को। बुला लीजिए सांसदों और विधायकों की बैठक और सबके हाथ में गीता-कुरान देकर शपथ करवा लीजिए। सब सच उगल देंगे। बुलाइये ना अपने सांसदों को और उगलवाइये सच। विभीषण आप के साथ ही है, लंका में आग लगवाकर रहेगा।
आइये ना हमारे घर
रही बात हमारे पैसा लेने की तो आइये ना हमारे घर। दो चार किलो आलू, प्याज और बोरी भर गेंहू मिलेगा। कौन पैसा लेकर लोडर बनाता है और कौन दबे कुचलों को नेता बनाता है, ये आप भी बेहतर जानते हैं और जनता भी अखिलेश भइया। आप बस यही जवाब दे दीजिए कि आपने हमसे गठबंधन क्यों तोड़ा था? यही ना कि मैंने आपसे कहा कि ज़रा एसी से निकलकर ज़मीन पर आइये, थोड़ी मेहनत कर लीजिए।