{"_id":"69f2de1ae61b6abb86053ca4","slug":"up-biometric-attendance-will-be-required-for-students-in-state-universities-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: राज्य विश्वविद्यालयों में छात्रों की परीक्षा में लगेगी बायोमीट्रिक हाजिरी, राजभवन ने जारी किए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: राज्य विश्वविद्यालयों में छात्रों की परीक्षा में लगेगी बायोमीट्रिक हाजिरी, राजभवन ने जारी किए निर्देश
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 30 Apr 2026 10:16 AM IST
विज्ञापन
सार
राजभवन ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों को एकेटीयू द्वारा अपनाई जा रही परीक्षा व मूल्यांकन व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है।
- फोटो : एएनआई
विज्ञापन
विस्तार
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) द्वारा अपनाई जा रही डिजिटल परीक्षा व्यवस्था काफी फूलप्रूफ, उपयोगी, समय व पैसे की बचत करने वाली है। इसमें छात्रों की बायोमीट्रिक उपस्थिति लगेगी। तीन लेयर की जांच होने से किसी भी तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। साथ ही समय पर परिणाम भी आ सकेगा।
Trending Videos
राजभवन ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों को एकेटीयू द्वारा अपनाई जा रही परीक्षा व मूल्यांकन व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है। राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में अभी छात्रों का सत्यापन कागज की सीट पर फोटो और अन्य सूचनाओं का मिलान करके किया जाता है। छात्रों का हस्ताक्षर भी कराया जाता है जबकि एकेटीयू में यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - आंधी-बारिश से खुशनुमा हुई सुबह, बदला प्रदेश का मौसम, अगले 24 घंटे के लिए चेतावनी जारी
ये भी पढ़ें - खतरे में है परिवहन विभाग का संवेदनशील डाटा, दलालों को वाहनों और डीएल से संबंधित जानकारी दे रहे डीबीए
एकेटीयू में छात्र की कॉपी स्कैन की जाती है। इसमें एक क्यूआर कोड होता है जो मूलतः कॉपी नंबर होता है। इसे कोई जान नहीं पाता है। परीक्षा के दौरान कॉपी को स्कैन किया जाता है। छात्र की कॉपी के साथ फोटो ली जाती है। साथ ही उसकी बायोमीट्रिक भी लेते हैं। स्कैनिंग के समय इन तीनों का मिलान किया जाता है। इससे कॉपियों में बदलाव की संभावना समाप्त हो जाती है।
इतना ही नहीं छात्र अगर कॉपी में अपना रोल नंबर गलत लिखेगा तो भी उसकी फोटो व स्कैन कॉपी नंबर से उसे मैप किया जा सकेगा। ऐसे में न सिर्फ परिणाम जल्द आएगा बल्कि उसमें गलतियां भी कम होंगी। एकेटीयू की ओर से परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के समय सीसीटीवी से छात्रों की जांच होती है। वहीं परीक्षा के दौरान भी विश्वविद्यालय के कंट्रोल रूम से लाइव मॉनीटरिंग की जाती है। ऐसे में राज्य विश्वविद्यालय अगर सीसीटीवी का सही प्रयोग कर रहे हैं, तो उनके लिए इस प्रक्रिया को अपनाना आसान होगा।
छपाई व कागज का खर्च बचेगा
राजभवन ने कहा है कि पेपर की छपाई इस व्यवस्था में सीमित संख्या में की जा सकती है, इससे खर्च में कमी होगी। पूर्व के व्यय की तुलना में यह 70 से घटकर 30 फीसदी हो जाती है। जानकारी के अनुसार एकेटीयू में में प्रति सेमेस्टर पेपर छापने का खर्च 1.37 करोड़ से कम होकर इस व्यवस्था में 40 लाख रुपये हो गया है। इतना ही नहीं पेपर भी ए फोर नहीं बल्कि ए फाइव पेज में प्रिंट करते हैं। इससे पेज भी बचता है।
डिजिटल मूल्यांकन के होंगे यह लाभ
- उत्तर पुस्तिकाओं के खोने और बदलने की संभावना समाप्त होगी
- कॉपियों का रिकॉर्ड रखना आसान होगा, जगह की जरूरत नहीं होगी
- छात्रों को उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराना सुगम हो जाएगा
- कॉपियों को मुल्यांकन केंद्र भेजने का खर्च नहीं लगता है
- परीक्षार्थी किसी अन्य के स्थान पर नहीं दे सकता है परीक्षा
