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UP: पांच अप्रैल तक देसी शराब का स्टॉक करना होगा खत्म, अंग्रेजी शराब की रिनीवल दुकानों के लिए नहीं कोई बाध्यता
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 29 Mar 2026 09:27 PM IST
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सार
नए वित्तीय वर्ष में नई आबकारी नीति के तहत दुकानों का रिनीवल करने का फैसला लिया गया है। चुनिंदा दुकानों का ही ई-लॉटरी के जरिए आवंटन किया जाएगा।
- फोटो : AI Generated
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विस्तार
नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में देसी शराब की लाइसेंस वाली दुकानों को पांच अप्रैल तक अपना स्टॉक खत्म करना होगा। आबकारी विभाग ने देसी शराब के फुटकर दुकानदारों को पांच दिन की मोहलत दी है, जबकि अंग्रेजी शराब के फुटकर दुकानदारों के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं होगी और वह अपना पुराना स्टॉक आगे भी बेच सकेंगे।
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बता दें कि नए वित्तीय वर्ष में नई आबकारी नीति के तहत दुकानों का रिनीवल करने का फैसला लिया गया है। चुनिंदा दुकानों का ही ई-लॉटरी के जरिए आवंटन किया जाएगा। बीते वर्ष रिनीवल नहीं होने की वजह से सभी दुकानदारों को 31 मार्च तक अपना पूरा स्टॉक खत्म करना था, जिसकी वजह से शराब खरीदने पर आकर्षक छूट दी गई थी। इस बार दुकानों का रिनीवल होने की वजह से इस तरह की छूट का लाभ ग्राहकों को नहीं मिलेगा।
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नई आबकारी नीति के प्रावधानों के मुताबिक देसी शराब (36 फीसद धारिता वाली) की ड्यूटी 165 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 173 रुपये की गई है, जिससे उसके दाम में पांच रुपये तक का इजाफा हो सकता है। वहीं चार अन्य धारिता वाली शराब के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा।
इसके अलावा गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में लो अल्कोहलिक स्ट्रेंथ बिवरेजेज, बीयर, वाइन के बार भी पहली बार खुलेंगे। वहीं आगामी वित्तीय वर्ष में शराब के निर्यात से राजस्व जुटाने के लिए तमाम सहूलियतें भी दी गई हैं।