UP: राजधानी में खुद को एनआईए अफसर बताकर दंपती को सात दिन किया डिजिटल अरेस्ट; वसूले 70 लाख रुपये
लखनऊ में साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अधिकारी और उनकी पत्नी को पुलिस तथा जांच एजेंसियों का अधिकारी बनकर सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। डराकर 70 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना मामले की जांच कर रहा है।
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साइबर जालसाजों ने एयरपोर्ट से सेवानिवृत्त निदेशक भोलानाथ प्रसाद भगत और उनकी पत्नी माधुरी को सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख 70 लाख रुपये वसूल लिए। ठगों ने खुद को पुलिस, एटीएस और एनआईए का अफसर बताकर उन्होंने दंपती को झांसे में लिया था। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना आलोक राव ने बताया कि जानकीपुरम स्थित सहारा ग्रेस अपार्टमेंट निवासी माधुरी के पास 16 जुलाई को अनजान नंबर से फोन आया था।
फोन करने वाले ने खुद को पुलिस मुख्यालय लखनऊ में तैनात इंस्पेक्टर आकाश वर्मा बताया। उसने माधुरी को बताया कि उनके पति के आधार कार्ड पर जम्मू कश्मीर में सिम कार्ड खरीदा गया है। इसका इस्तेमाल आतंकियों ने किया है। आरोपी ने भोलानाथ को तत्काल महाराष्ट्र और पुणे की एटीएस मुख्यालय जाने को कहा।
ठग की बात सुनकर माधुरी ने भोलानाथ को फोन थमा दिया। भोलानाथ ने अपनी सेवानिवृत्ति की जानकारी दी। इस पर ठग ने कहा कि आपकी बात वरिष्ठ अफसरों से कराई जा रही है। इसके बाद ठग ने कॉल ट्रांसफर कर दी। दूसरे ठग ने खुद को आईपीएस अफसर विक्रम सिंह बताकर संपत्तियों की जांच की बात कही। उसने एनआईए प्रमुख को भी जानकारी भेजने की धमकी दी।
बैंक खातों का मांगा ब्योरा
ठग ने भोलानाथ से कहा कि मामला बहुत गंभीर है और समय कम है। उसने तत्काल बैंक खातों का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा। पीड़ित ने डरकर अपने खातों की जानकारी ठगों को दे दी। इसके बाद आरोपी ने कहा कि खातों में जमा सारे रुपये जांच के लिए ट्रांसफर करने होंगे। इस दौरान आप किसी के संपर्क में नहीं रहेंगे।
जांच के बाद आपकी रकम वापस कर दी जाएगी। झांसे में आकर भोलानाथ ने ठगों के बताए खातों में कुल 70 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए। ठगों ने भोलानाथ को 22 जुलाई तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। बाद में जब भोलानाथ ने अपनी रकम वापस मांगी, तो ठगों ने उनसे और रुपये मांगे। संदेह होने पर उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से फोन पर बात की। तब उन्हें पता चला कि वे ठगी का शिकार हुए हैं। इसके बाद भोलानाथ साइबर क्राइम थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
ठग बोले, आतंकियों से आपके परिवार को खतरा
भोलानाथ ने बताया कि ठगों ने उन्हें आतंकियों से परिवार को खतरा होने की बात कहकर डराया। उन्होंने कहा कि आतंकी उन पर नजर रखे हैं, इसलिए डिजिटल अरेस्ट कर छानबीन की जा रही है। ठगों ने भोलानाथ को इतना डरा दिया कि वह उनकी बातों पर भरोसा कर गए। इसके बाद ठगों ने जो कहा वह करते गए और मोटी रकम गंवा दी।
एफडी तुड़वाकर भेजी रकम, बैंक को नहीं हुआ शक
ठगों के खौफ में भोलानाथ ने बैंक जाकर अपनी एफडी तुड़वाई और रकम आरोपियों को भेज दी। इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि एफडी तुड़वाते समय बैंक को भी शक नहीं हुआ। बैंककर्मी अगर मामले को समझ जाते तो शायद यह घटना नहीं होती। छानबीन में पता चला है कि ठगों ने पश्चिम बंगाल और पटना के बैंक खातों में रकम मंगवाई थी, जिसमें म्यूल खातों का इस्तेमाल होने की आशंका है।