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यूपी: डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने वैज्ञानिकों से कहा- ऐसी तकनीक विकसित करें जो बेमौसम बारिश से फसलों को बचाएं

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 08 Apr 2026 07:53 PM IST
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सार

Deputy CM Keshav Maurya: यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य बुधवार को एमिटी विश्वविद्यालय में खाद्य सुरक्षा विषय पर आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए। 

UP Deputy CM Keshav Maurya tells scientists to develop technology that can protect crops from unseasonal rains
कार्यक्रम को संबोधित करते डिप्टी सीएम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को एमिटी विश्वविद्यालय में ‘खाद्य सुरक्षा’ (Food Security) विषय पर आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। "पैथोजेन्स, प्लांट हेल्थ एंड फूड सिक्योरिटी: क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर एंड लैंडस्केप कंजर्वेशन" विषय पर आधारित इस सम्मेलन में केशव प्रसाद मौर्य बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने वैज्ञानिकों के उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए “Pathogens, Plant Health and Food Security” नामक पुस्तक का विमोचन किया और वरिष्ठ वैज्ञानिकों को 'लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड' प्रदान किए।

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सम्मेलन को संबोधित करते हुए मौर्य ने कहा कि आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण कृषि, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा का विषय केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भंडारण, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण और गुणवत्तापूर्ण विपणन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर प्रदेश की उपजाऊ भूमि की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अपार संभावनाओं के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता, जिस पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

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वैज्ञानिकों से कहा- करें नए प्रयोग

UP Deputy CM Keshav Maurya tells scientists to develop technology that can protect crops from unseasonal rains
कार्यक्रम में केशव मौर्य व अन्य वक्ता। - फोटो : अमर उजाला।
उप मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से ऐसी तकनीकों को विकसित करने को कहा जो ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने जोर दिया कि अब समय उत्पाद की 'क्वांटिटी' के साथ-साथ 'क्वालिटी' पर ध्यान देने का है, ताकि भारतीय कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना सकें। प्रदेश के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए मौर्य ने कहा कि सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के मामले में उत्तर प्रदेश आज देश का अग्रणी राज्य है, जो निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है।

सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'डबल इंजन' सरकार किसान, युवा और मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को “लखपति दीदी” से आगे “करोड़पति दीदी” बनाने के लक्ष्य को साझा किया। उन्होंने ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)’ और ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ जैसी योजनाओं के माध्यम से कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर बल दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में यह सम्मेलन मील का पत्थर साबित होगा।
 
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