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UP: अनियमित पीरियड्स को न करें नजरअंदाज, PCOD से बढ़ सकता हार्ट डिजीज और कैंसर का खतरा; डॉक्टरों ने दी चेतावनी

मनीषा गोस्वामी, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 16 Jun 2026 12:20 PM IST
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सार

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अनियमित माहवारी की समस्या को नजरअंदाज करना गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। यह हार्मोन और शरीर की चयापचय प्रक्रिया को प्रभावित कर हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और बच्चेदानी के कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है। सही खानपान और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी हैं।

UP: Do not ignore irregular periods; PCOD can increase the risk of heart disease and cancer, doctors warn.
महिलाओं में बढ़ा खतरा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

किशोरियों और महिलाओं में आम बीमारी बन चुकी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (पीसीओडी) यानी माहवारी की अनियमितता सिर्फ प्रजनन क्षमता या गर्भधारण तक सीमित नहीं रह गई है। चिकित्सकों के अनुसार, यह महिलाओं के दिल पर चोट भी कर रही है। यह शरीर के सभी हार्मोन और मेटाबॉलिक सिस्टम को प्रभावित करती है। इसका उदाहरण केजीएमयू के हृदय रोग विभाग में आने वाले मामले हैं।



विभागाध्यक्ष डॉ. ऋषि सेठी बताते हैं कि हर महीने पांच से छह हृदय रोग के मामले ऐसे होते हैं जिनमें यह बीमारी देखने को मिलती है। इसमें 30-40 उम्र की महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। केजीएमयू की प्रसूति एवं स्त्री कैंसर रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल बताती हैं कि ओपीडी में हर दिन करीब दस प्रतिशत मामले इसी बीमारी के देखने को मिल रहे हैं। 

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दिल पर भी असर पड़ता

किशोरियों में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इससे पूरी जिंदगी चलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जैसे कि उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, यहां तक दिल की बीमारियों का भी खतरा सामान्य महिलाओं की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। कई अध्ययन में सामने आया है कि इससे सिर्फ गर्भ से संबंधित बीमारियां ही नहीं बढ़तीं, बल्कि दिल पर भी असर पड़ता है।

वहीं, केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल भी बताती हैं कि कई अध्ययन में सामने आया कि पीसीओडी से सिर्फ गर्भ से संबंधित बीमारियां ही नहीं बढ़ती, बल्कि दिल पर भी असर पड़ता है। इसी वजह हाल ही में इसका नाम बदलकर पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीएमओएस) कर दिया गया है। ओपीडी में हर दिन करीब दस प्रतिशत मामले इसी के देखने को मिल रहे हैं। 

किशोरियों में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इससे पूरी जिंदगी चलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जैसे कि उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, यहां तक दिल की बीमारियों का भी खतरा सामान्य महिलाओं की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। (संवाद)

इसलिए बढ़ता है हृदय रोग का खतरा

डॉ. ऋषि सेठी बताते हैं कि उच्च रक्तचाप, शुगर और अत्यधिक वसा हृदय की बीमारियों की मुख्य वजहें हैं। पीएमओएस की वजह से ये तीनों कारक मरीजों में देखने को मिलते हैं जिससे हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। भविष्य में इसके अधिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

 


 

बढ़ता है बच्चेदानी के कैंसर का खतरा

स्त्री एवं कैंसर रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निशा सिंह बताती हैं कि पीएमओएस बच्चेदानी के कैंसर की मुख्य वजहों में से एक है। अक्सर बच्चेदानी के कैंसर पीड़ितों में यह बीमारी देखने को मिलती है।

इलाज से अधिक जरूरी सही खानपान और जीवन शैली

डॉ. अंजू अग्रवाल के मुताबिक, पीएमओएस की मुख्य वजह है खराब खानपान और जीवन शैली। इसमें सुधार लाए बिना सिर्फ इलाज कराने से कुछ नहीं होगा। यह जरूरी है कि हर दिन सभी रंग की सब्जियों का सेवन करें। साथ ही रोजाना योग, व्यायाम के साथ और नींद पूरी करें।

 


 
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इन लक्षणों को नहीं करें नजरअंदाज

  • माहवारी बहुत देर से आना या साल में 8 से कम बार आना।
  • अचानक बहुत अधिक रक्तस्राव होना।
  • चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल आना।
  • बहुत अधिक मुंहासे और तैलीय त्वचा।
  • वजन और रक्त में शुगर लेवल बढ़ना।
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