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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: High Court hearing on the matter of appointing village heads as administrators.

UP: प्रधानों को प्रशासक बनाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई जारी, शाम तक आ सकता है आदेश

Fri, 10 Jul 2026 02:56 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Fri, 10 Jul 2026 02:56 PM IST
सार

प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मामले में न्यायालय ने पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव को अगली सुनवाई पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे ही एक मामले में कोर्ट ने इसी प्रकार के प्रावधान को असंवैधानिक माना था।

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UP:  High Court hearing on the matter of appointing village heads as administrators.
यूपी पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के मामले में गंभीर संवैधानिक प्रश्न उठाए हैं। न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ के समक्ष मामले में दाखिल याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई जारी है।

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कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 12(3-ए) की वैधता पर विचार किए जाने की आवश्यकता है। न्यायालय ने पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव को अगली सुनवाई पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
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न्यायालय ने कहा कि वर्ष 2000 में प्रेम लाल पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में हाईकोर्ट ने इसी प्रकार के प्रावधान को संविधान के अनुच्छेद 243-ई और 243-के के विपरीत मानते हुए असंवैधानिक ठहराया था। हालांकि, बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने उस मामले में कानून के प्रश्नों को खुला छोड़ते हुए अपील का निस्तारण कर दिया था।
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संजय कुमार शर्मा व अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दाखिल याचिकाओं  पर सुनवायी करते हुए पीठ ने कहा कि यह विचारणीय है कि ग्राम प्रधान को प्रशासक नियुक्त करने से क्या पंचायत का कार्यकाल अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ता है तथा क्या इससे राज्य निर्वाचन आयोग के संवैधानिक अधिकार प्रभावित होते हैं। इन महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार के लिए अदालत संबंधित अन्य जनहित याचिकाओं के साथ सुनवाई कर रही है। राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह पेश हो रहे हैं।

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