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यूपी: छात्रों को अधिक छात्रवृत्ति भुगतान की जांच शुरू, वसूली भी होगी; 15 दिन में जिलों से मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:31 PM IST
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सार
छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में ज्यादा भुगतान के मामले में शासन ने 15 दिन में रिपोर्ट की मांग की है। वहीं, वसूली करने का भी आदेश दिया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में करीब 2400 छात्रों को लगभग 3.5 करोड़ रुपये ज्यादा दिए जाने के मामले में शासन ने सख्त कदम उठाए हैं। सभी जिलों को 15 दिन के भीतर सत्यापन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इस रिपोर्ट में यह बताना होगा कि किस छात्र को कितना भुगतान हुआ, वह पात्र था या नहीं और कितना पैसा ज्यादा दिया गया।
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शासन ने कहा है कि पहले उन मामलों से वसूली की जाए, जिनमें एक ही बैंक खाते में बार-बार अधिक भुगतान हुआ है। कोषागार स्तर पर भुगतान की जांच होगी, ताकि बैंक ट्रांजैक्शन, बिल और भुगतान के आंकड़ों में कोई गड़बड़ी न रहे। जिला समाज कल्याण अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों को नोटिस दे दिया गया है और उन्हें पैसा वापस करने के लिए समय सीमा तय की गई है। यदि समय पर पैसा जमा नहीं किया गया, तो राजस्व वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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तकनीकी सुधार के लिए एनआईसी को निर्देश दिए गए हैं कि सॉफ्टवेयर में ऑटो लिमिट, डुप्लीकेट चेक और अलर्ट सिस्टम तुरंत लागू किए जाएं, ताकि भविष्य में ज्यादा भुगतान अपने आप रुक सके। साथ ही सभी जिलों में लॉग-इन आईडी और यूजर एक्सेस की सुरक्षा जांच भी कराई जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ स्पष्टीकरण, वेतन कटौती और विभागीय कार्रवाई होगी। तकनीकी गलती के मामलों में संबंधित एजेंसी से जवाब मांगा जाएगा।
समाज कल्याण विभाग को पूरे मामले की साप्ताहिक रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी। शासन ने साफ कहा है कि छात्रवृत्ति जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
