UP: एलएसजी के 27 करोड़ी कप्तान ऋषभ पंत हर मोर्चे पर फ्लॉप, घरेलू मैदान में 8 मैच हारने का अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज
लखनऊ की टीम लगातार हार से संकट में है। घरेलू मैदान पर खराब रिकॉर्ड बना। बल्लेबाजी बुरी तरह असफल रही और कप्तान ऋषभ पंत उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कोच के फैसलों पर भी सवाल उठे। अब प्लेऑफ की राह मुश्किल दिख रही है और टीम दबाव में है।
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अंक तालिका में दसवें स्थान पर खिसक चुकी लखनऊ सुपरजायंट्स के लिए प्लेऑफ की उम्मीदें धुंधली पड़ गई हैं। घरेलू मैदान पर टीम की स्थिति और खराब रही, जहां पिछले दो सत्रों को मिलाकर उसे लगातार आठवीं हार झेलनी पड़ी। मौजूदा सीजन में टीम लगातार पांच मुकाबले गंवा चुकी है।
हार का बड़ा कारण बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन रहा। बीते आठ मैचों में टीम सिर्फ एक बार 200 रन का आंकड़ा छू सकी। मिचेल मार्श ने 212 रन, एडन मार्करम ने 193 और आयुष बदोनी ने 172 रन बनाए, जबकि निकोलस पूरन सिर्फ 73 रन ही जोड़ सके।
महंगे खिलाड़ी पंत का फीका प्रदर्शन, कप्तानी पर भी उठे सवाल
आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत इस सत्र में भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। आठ मैचों में उन्होंने 27 की औसत से 189 रन बनाए। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 68 रन की पारी को छोड़ दें तो वह बड़े स्कोर के लिए संघर्ष करते नजर आए।
कोलकाता के खिलाफ 44 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर विकेट गंवा बैठे। टीम प्रबंधन ने उनका बल्लेबाजी क्रम भी बदला, लेकिन फायदा नहीं मिला। कप्तानी में भी पंत प्रभाव नहीं छोड़ सके और कई फैसलों पर सवाल उठे हैं।
कोच लैंगर के बड़े बोल पड़े टीम पर भारी
लखनऊ सुपरजायंट्स के हेड कोच जस्टिन लैंगर के बड़े बोल टीम पर भारी पड़ते जा रहे हैं। आईपीएल सत्र होने से पहले उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि टीम की बेंच स्ट्रैंथ इतनी मजबूत है कि हमारे लिए अंतिम 11 का चयन करना मुश्किल होगा और अब सत्र में लगातार पांचवीं हार के बाद कोच साहब के बोल ही बदल गए।कोलकाता से मिली हार के बाद संवाददाताओं से बातचीत लैंगर ने कहा कि अपने घर में मिल रही लगातार हार से हम सभी बहुत निराश है। अपने प्रशंसकों के सामने हारना निराशाजनक रहा। इकाना की उछाल भरी लाल मिट्टी वाली पिच के उलट काली मिट्टी वाली पिच थोड़ी धीमी थी और यहां स्पिनरों को मदद मिली।
घरेलू मैदान में हमें जीतना सीखना होगा। टीम को अगला मैच एक सप्ताह के लंबे ब्रेक के बाद खेलना है। इस दौरान हम आपस में बैठकर लगातार मिली हार पर मंथन करेंगे। प्लेऑफ के लिए हमारी उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं। अगले छह मैच जीतकर हम अपनी स्थिति को मजबूत कर सकते है।
अब तक के मुकाबलों पर एक नजर
- एक अप्रैल बनाम दिल्ली कैपिटल्स 18.4 ओवर में 141 रन पर आउट (घरेलू मैदान- हारे)
- पांच अप्रैल बनाम सनराइजर्स हैदराबाद 19.5 ओवर में 160 रन (बाहर- जीते)
- नौ अप्रैल बनाम कोलाकाता नाइटराइडर्स सात विकेट पर 182 रन (बाहर-जीते)
- 12 अप्रैल बनाम गुजरात टाइटंस आठ विकेट पर 164 रन (घरेलू मैदान- हारे)
- 15 अप्रैल बनाम रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू 146 रन पर आउट (बाहर-हारे)
- 19 अप्रैल बनाम पंजाब किंग्स पांच विकेट पर 200 रन (बाहर-हारे)
- 22 अप्रैल बनाम राजस्थान रॉयल्स 18वें ओवर में 119 रन पर आउट (घरेलू मैदान-हारे)
- 26 अप्रैल बनाम कोलकाता नाइटराइडर्स आठ विकेट पर 155 रन (घरेलू मैदान- सुपरओवर में हारे)

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