UP: मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- गौ संरक्षण और पशुपालकों की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
काकोरी के वृहद गो संरक्षण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में सरकार ने गौ संरक्षण और पशुपालकों के कल्याण को प्राथमिकता बताया। पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की उपलब्धता और गौवंश संरक्षण पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
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केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को काकोरी के किशन तेजखेड़ा स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री Dharampal Singh ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और गौ पूजन कर गौसेवा का संदेश दिया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पशुधन और दुग्ध विकास के क्षेत्र में भी अनेक नवाचार हुए हैं, जिनका लाभ किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से पशु स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश में 520 मोबाइल वेटरनरी यूनिट संचालित हैं, जिनके माध्यम से पशुपालकों को घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर निर्धारित समय में चिकित्सकीय सहायता प्राप्त की जा सकती है।
धर्मपाल सिंह ने पशुपालकों से अपील की कि दूध देना बंद करने वाली गायों को छुट्टा न छोड़ें, बल्कि उनकी देखभाल करें या नजदीकी गौशालाओं में संरक्षित कराएं। उन्होंने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है तथा उसका संरक्षण समाज की साझा जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री Krishna Paswan ने भी गो संरक्षण और पशुपालकों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि गौ संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों ने गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध चारा, भूसा, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही गोवंश संरक्षण एवं पशुधन विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पशुपालक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।