सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP News: Big decision of UP government, orders to cancel Assistant Professor exam

UP News: यूपी सरकार का बड़ा फैसला, असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने का दिया आदेश; जानिए अपडेट

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 07 Jan 2026 07:47 PM IST
विज्ञापन
सार

उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को बड़ा आदेश जारी करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। बताया गया है कि इन परीक्षाओं के संबंध में अनियमितताओं की जानकारी सरकार को प्राप्त हुई थीं जिससे इस परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।

UP News: Big decision of UP government, orders to cancel Assistant Professor exam
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की असिस्टेंट प्रोफसर भर्ती परीक्षा को प्रदेश सरकार ने निरस्त कर दिया है। मामले में आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष प्रोफेसर कीर्ति पांडेय के गोपनीय सहायक महबूब अली ने पेपर लीक किए थे। एसटीएफ की जांच में परीक्षा की शुचिता भंग करने के पुख्ता साक्ष्य मिले। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा निरस्त करने और इसे दोबारा आयोजित कराने का आदेश दिया है।

Trending Videos


आयोग ने 16 व 17 अप्रैल 2025 को परीक्षा आयोजित की थी। वहीं 20 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने गोंडा के लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के सहायक प्रोफेसर बैजनाथ पाल, उसके भाई विनय कुमार और अयोध्या निवासी महबूब अली को गिरफ्तार किया था। महबूब अली तत्कालीन आयोग की अध्यक्ष का गोपनीय सहायक था। एसटीएफ की तफ्तीश में सामने आया था कि इन सभी ने परीक्षा के प्रश्न पत्रों को लाखों रुपये में बेचा है। प्रकरण का संज्ञान मुख्यमंत्री ने लेकर एसटीएफ को जांच का आदेश दिया था। एसटीएफ ने महबूब अली के पास से बरामद डाटा का विश्लेषण किया और मोबाइल नंबरों का विवरण जुटाया। इस डाटा का आयोग के डाटा से मिलान कराया गया, जिसमें पुष्टि हुई कि परीक्षा की पारदर्शिता व शुचिता भंग हुई है। इसलिए प्रदेश सरकार ने परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

आयोग की अध्यक्ष से त्यागपत्र लिया जा चुका है

इस संबंध में यूपी एसटीएफ द्वारा थाना विभूतिखंड, जनपद लखनऊ पर मु.अ.सं. 144/25, धारा 112, 308(5), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.), 2023, अभियोग पंजीकृत कराया गया। जांच की निष्पक्षता एवं गोपनीयता सुनिश्चित रखने के उद्देश्य से तत्कालीन आयोग की अध्यक्ष से त्यागपत्र लिया गया था चूंकि अभियुक्त महबूब अली निवर्तमान आयोग की अध्यक्ष का गोपनीय सहायक था।

पूछताछ के दौरान अभियुक्त महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसके द्वारा मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान ही विभिन्न विषयों के प्रश्न पत्र निकाल लिए गए थे, जिन्हें उसने कई अभ्यर्थियों को विभिन्न माध्यमों से धन लेकर उपलब्ध कराया। अभियुक्त महबूब अली की स्वीकारोक्ति की एसटीएफ द्वारा गहन विवेचना एवं डेटा एनालिसिस से पुष्टि हुई है।

जांच में परीक्षा की शुचिता भंग होने की पुष्टि हुई

जांच के क्रम में गिरफ्तार अभियुक्तों तथा उनसे संबंधित अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों का डाटा विश्लेषण एवं मुखबिर तंत्र से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम एवं मोबाइल नंबर प्रकाश में आए। इस संबंध में आयोग को पत्र लिखकर संदिग्ध अभ्यर्थियों का डाटा मांगा गया। प्राप्त डाटा के मिलान में यह तथ्य सामने आया कि उक्त परीक्षा की शुचिता भंग हुई है।

उपरोक्त तथ्यों के आधार पर मुख्यमंत्री योगी द्वारा उक्त परीक्षा को निरस्त किए जाने के आदेश दिये गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया है कि उपरोक्त परीक्षा का आयोजन शीघ्रातिशीघ्र, पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed