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यूपी: 558 अनुदानित मदरसों की जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन को सौंपी, नियम विरुद्ध नियुक्तियों सहित कई शिकायतें
Mon, 24 Aug 2026 08:58 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 24 Aug 2026 08:58 PM IST
सार
अनुदानित मदरसों पर 333 पन्नों की शिकायत में नियम विरुद्ध नियुक्तियों, अभिलेखों में हेरफेर, संदिग्ध प्रबंध समितियों के जरिये वित्तीय निर्णय और वेतन भुगतान समेत 35 बिंदुओं पर आरोप लगाए गए हैं। मामले में हर आरोप की जांच की जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के 558 अनुदानित मदरसों की जांच अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन ब्यूरो) करेगा। एडीजी एंटी करप्शन ने डीआईजी हरिश्चंद्र को यह जांच सौंपी है।
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शिकायतकर्ता से जांच अधिकारी ने दस्तावेज मांगे हैं। बाराबंकी निवासी मोहम्मद तलहा अंसारी की शिकायत पर केंद्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश से शासन ने यह जांच पहले आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंपी थी।
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टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया उत्तर प्रदेश और एक मदरसा प्रबंध समिति ने इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने आयोग के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए ईओडब्ल्यू जांच पर रोक लगा दी। अब यह जांच एंटी करप्शन ब्यूरो को दी गई है।
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333 पन्नों की शिकायत में नियम विरुद्ध नियुक्तियों, अभिलेखों में हेरफेर, संदिग्ध प्रबंध समितियों के जरिये वित्तीय निर्णय और वेतन भुगतान समेत 35 बिंदुओं पर आरोप लगाए गए हैं। करीब 1100 करोड़ रुपये के सालाना सरकारी बजट से जुड़े इस मामले में कोविड काल में हुई नियुक्तियां भी जांच के दायरे में हैं। एंटी करप्शन हर आरोप की जांच करेगा।