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UP: शेल कंपनियों के जरिए अवैध कमाई को वैध बनाने का खेल, ED ने खंगाला पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह का नेटवर्क

Sat, 11 Jul 2026 08:45 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 11 Jul 2026 08:45 AM IST
सार

मनी लॉन्ड्रिंग जांच में प्रवर्तन एजेंसी ने कथित अवैध धन को वैध दिखाने के लिए शेल कंपनियों और बेनामी निवेश के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। तीन करीबी साझेदारों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है और संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई भी संभव है।

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UP: Scheme to launder illicit earnings via shell companies; ED scrutinizes former MLA Deep Narayan Singh's net
पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव - फोटो : amar ujala

विस्तार

झांसी की गरौठा सीट से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच अब उनके कारोबारी नेटवर्क तक पहुंच गई है। जांच में पता चला है कि पूर्व विधायक ने कथित तौर पर अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए शेल कंपनियों का जाल बिछाया था। इन कंपनियों में उनके तीन करीबी साझेदार निदेशक थे, जिनके जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया। 

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अब ईडी तीनों की भूमिका और उनकी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लगी है। सूत्रों के मुताबिक तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों से कई कंपनियों के बीच वित्तीय लेन-देन, तीसरे पक्ष के साथ हुए समझौते और संदिग्ध ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड मिले हैं। 
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जांच में कुछ ऐसी कंपनियां भी सामने आई हैं, जो केवल कागजों पर संचालित हो रही थीं। एजेंसी को आशंका है कि इन्हीं कंपनियों के जरिए कथित अपराध से अर्जित धन को वैध कारोबार का रूप देकर विभिन्न जगहों पर निवेश किया गया।
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ईडी को यह भी पता चला है कि कथित अवैध कमाई को अपने, परिजनों और करीबी सहयोगियों के नियंत्रण वाली कंपनियों में लगाया गया। इसके अलावा दूर के रिश्तेदारों के नाम पर भी कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं। 

 

पूछताछ के लिए तलब कर सकती

जांच एजेंसी अब इन निवेशों की पूरी श्रृंखला खंगाल रही है, ताकि धन के स्रोत और उसके अंतिम इस्तेमाल का पता लगाया जा सके। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ईडी तीनों निदेशकों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है। 
यदि जांच में उनकी भूमिका की पुष्टि होती है तो उनकी संपत्तियों को भी जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। एजेंसी ने संदिग्ध बेनामी संपत्तियों और कथित अपराध से अर्जित धन को छिपाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पहले ही कब्जे में ले लिए हैं।

 

रिश्तेदारों के नाम खरीदीं संपत्तियां

ईडी की जांच में सामने आया है कि दीप नारायण सिंह ने दूर के रिश्तेदारों के नाम पर भी कई चल और अचल संपत्तियां खरीदीं। तलाशी के दौरान ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनमें बेनामी निवेश और संपत्तियों के स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। एजेंसी अब इन संपत्तियों की वास्तविक फंडिंग और मालिकाना हक की पड़ताल कर रही है।

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