UP: प्रदेश को 60 हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात, नितिन गडकरी बोले- मैंने कभी झूठा आश्वासन नहीं दिया
उत्तर प्रदेश को नई सड़क परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिली है। कई हजार करोड़ रुपये की योजनाओं के तहत नई सड़कें, बाइपास और फोरलेन मार्ग बनाए जाएंगे। हवाई अड्डे से बाहरी रिंग रोड तक एलिवेटेड मार्ग का प्रस्ताव भी सामने आया है। सरकार ने बेहतर संपर्क और तेज विकास का लक्ष्य दोहराया।
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क के विस्तार को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।
गडकरी ने कहा, प्रदेश के लिए 50 से 60 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जबकि अगले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में पांच लाख करोड़ रुपये के सड़क विकास कार्य किए जाएंगे।
अमेरिका इसलिए अमीर है, क्योंकि वहां की सड़कें अच्छी हैं। योगीजी के साथ जब पहली बार यहां आया था, तब बहुत घोषणाएं की थीं। एक मंत्री ने पूछा था कि आपने इतना बोला है, वह पूरा होगा या नहीं। मैंने डंके की चोट पर कहा था कि जो कहूंगा, वह करके दिखाऊंगा। मैंने राजनीति के 45 साल के करियर में कभी झूठा आश्वासन नहीं दिया। हमें खुशी है कि यूपी देश का दिल है। यूपी प्रगतिशील होगा तो देश की भी तरक्की होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की ये मांग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में बढ़ते ट्रैफिक का मुद्दा उठाते हुए एयरपोर्ट से शहीद पथ होते हुए आउटर रिंग रोड तक करीब 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड की मांग की। उन्होंने कहा कि इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर मेट्रो चलाने की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
इस पर नितिन गडकरी ने मौके पर ही सहमति जताते हुए डीपीआर तैयार करने और इसी वर्ष दिसंबर से पहले भूमिपूजन कराने का भरोसा दिया। आपने बहुत कुछ दिया, आज भी मांगूंगा तो आप मना नहीं करेंगे।
लखनऊ में ट्रैफिक की बड़ी समस्या है। लखनऊ एयरपोर्ट से शहीद पथ से होते हुए आउटर रिंग रोड पर करीब 23 किमी के एलिविटेड रोड के लिए स्वीकृति दें। नितिन गडकरी ने क्षण भर के लिए भी देर नहीं की, उन्होंने कह दिया मंजूर। एलिविटेड रोड के ऊपर एक मेट्रो भी चलनी चाहिए। इसकी भी उन्होंने स्वीकृति उन्होंने दे दी है। लखनऊ से सीतापुर के लिए सिक्सलेन मार्ग और किसान पथ पर सर्विस रोड भी बनाई जाएगी।
10 साल पहले ये राज्य अपनी पहचान के लिए संकट में था
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, आज यूपी अपने इस आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण कभी बीमारू राज्य की श्रेणी में गिना जाने वाला राज्य वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुशासन के मॉडल के लिए प्रस्तुत हुआ है। आज से 10 साल पहले ये राज्य अपनी पहचान के लिए संकट में था। न नीति थी न विचार था।
कुछ सीमित दायरे तक विकास की पहुंच थी। कर्फ्यूग्रस्त, दंगाग्रस्त था। आज मुझे प्रसन्नता होती है, हमारा प्रदेशवासी पहचान के लिए मोहताज नहीं है। अब वह बीमारू राज्य नहीं, बल्कि भारत की इकोनॉमी में ग्रोथ इंजन बनकर निवर्हन कर रहा है। आज प्रदेश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे, मेट्रो और रेलवे कनेक्टिविटी है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट का संचालन कर रहा है।
प्रदेश में पांच लाख से अधिक आबादी वाले प्रत्येक शहर में बाइपास बनाया जाएगा। साथ ही सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़क से जोड़ने की योजना को भी स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने के बाद अब उत्तर-दक्षिण संपर्क को मजबूत करने पर काम होगा।
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