UP: इसलिए विनोद तावड़े ही बनाए गए प्रभारी, संगठन और भाजपा के लिए काम का लंबा अनुभव; जानिए पूरा राजनीतिक सफर
भाजपा ने संगठन में लंबे अनुभव और चुनावी रणनीति की समझ रखने वाले विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और कई राज्यों के प्रभारी रह चुके तावड़े को संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की जिम्मेदारी मिली है। चुनावी तैयारियों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर संगठन में उनकी भूमिका और मजबूत करने के साथ ही यूपी में बड़ी जिम्मेदारी दी है। उन्हें यूपी का प्रभारी बनाया गया है। इस समय इस फैसले को अहम इसलिए बना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा सीट के लिहाज से यूपी काफी बड़ा राज्य है। इसलिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में तावड़े को अहम जिम्मेदारी दी गई है। अब देखना ये कि यूपी में इस भूमिका को वो कैसे निभाते हैं। उनकी नई तैयारियां क्या होगी।
विनोद तावड़े ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी। इसके बाद उन्होंने BJP में सक्रिय भूमिका निभाई और संगठन के विभिन्न पदों पर काम किया। महाराष्ट्र में वे बोरीवली से विधायक रहे और 2014 से 2019 के बीच तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार में शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। मंत्री रहते हुए उन्होंने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर काम किया।
संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद
भाजपा ने लंबे समय के बाद उत्तर प्रदेश में किसी नेता को पूर्णकालिक प्रभारी की जिम्मेदारी दी है। तावड़े हाल में उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन के चुनाव में भी सक्रिय रहे हैं और प्रदेश की राजनीति को करीब से देखते रहे हैं। उन्हें भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की अच्छी जानकारी रखने वाला नेता माना जाता है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तावड़े का किसी बड़े विवाद से नाता नहीं रहा है। चुनावी साल को देखते हुए भाजपा ने नए चेहरे के बजाय संगठन और प्रदेश की राजनीति से परिचित नेता को जिम्मेदारी देने को तरजीह दी है। तावड़े के संगठन से जुड़े अनुभव को देखते हुए पार्टी को उनसे बेहतर समन्वय की उम्मीद है।
लंबे समय बाद पूर्णकालिक प्रभारी बनाए जाने को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार और संगठन के बीच तावड़े के रिश्ते बेहतर हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति से संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
2022 में बिहार के प्रभारी बने थे
संगठन के स्तर पर भी तावड़े की भूमिका लगातार बढ़ती गई। उन्हें BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जिम्मेदारी मिली और बिहार तथा हरियाणा समेत कई राज्यों का प्रभारी बनाया गया। वर्ष 2022 में उन्हें बिहार का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल में BJP ने बिहार में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान संगठनात्मक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की। इस वर्ष केरल चुनाव में भी तावड़े को पार्टी का प्रभारी बनाया गया। उनके कार्यकाल में BJP ने केरल विधानसभा में अपना खाता खोला, जिसे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।
नितिन नवीन की नई टीम में कई बड़े बदलाव
नितिन नवीन की नई टीम में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अमित मालवीय को IT सेल प्रमुख की जिम्मेदारी से हटाकर दीपक म्हास्के को IT और सोशल मीडिया विंग की कमान दी गई है। तेजस्वी सूर्या की जगह हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर संगठन में अहम भूमिका दी गई है। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब की भी राष्ट्रीय संगठनात्मक ढांचे में वापसी हुई है।