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यूपी: केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन को हाईकोर्ट से मिली फौरी राहत, फिलहाल नहीं लिखी जाएगी एफआईआर
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:43 AM IST
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सार
Kirti Vardhan Singh: याचिका में कहा गया कि अजय सिंह नाम के व्यक्ति ने गोंडा की स्थानीय अदालत से याची व अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश प्राप्त कर लिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह को फौरी राहत दी है। कोर्ट ने मंत्री के खिलाफ एफआईआर लिखने के निचली अदालत के आदेश के विरुद्ध दाखिल उनकी पुनरीक्षण याचिका को खारिज करने के गोण्डा की एक सत्र अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है।
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साथ ही कोर्ट ने सत्र अदालत को मामले को गुण-दोष के आधार पर निर्णित करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की याचिका पर दिया है। याचिका में कहा गया कि अजय सिंह नाम के व्यक्ति ने गोंडा की स्थानीय अदालत से याची व अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश प्राप्त कर लिया।
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अजय सिंह का आरोप है कि उसकी जमीन हड़पने के लिए मंत्री व उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कारित की है, तथा झूठा मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। एफआईआर दर्ज करने के विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए) के आदेश के विरुद्ध मंत्री ने सत्र अदालत के समक्ष पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी, जिसे सत्र अदालत ने याचीगण के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण 30 जनवरी को खारिज कर दिया।
न्यायालय ने 30 जनवरी के उक्त आदेश को रद्द करते हुए कहा है कि शीर्ष अदालत के निर्णय के अनुसार स्वीकृत हो चुकी पुनरीक्षण याचिका को अदम पैरवी में खारिज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने मंत्री की पुनरीक्षण याचिका को गुण दोष के आधार पर निस्तारित करने का आदेश दिया है। साथ ही पुनरीक्षण याचिका के दौरान याचियों को मिली अंतरिम राहत को निस्तारण तक बरकरार रखा है।