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Anuppur Building Collapse: हादसे में तीन परिवारों पर टूटा पहाड़, जीजा-साले की मौत तो मां को खोकर हुआ युवक अनाथ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
Published by: अनूपपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 09:18 PM IST
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सार
कोतमा में लॉज हादसे ने तीन परिवारों को गहरा आघात दिया। जीजा-साला साथ काम करते हुए मारे गए। एक महिला मजदूर की मौत से उसका बेटा अनाथ हो गया। वहीं जेसीबी चालक बेटे को रेस्क्यू के दौरान ही पिता की मौत की जानकारी मिली, जिससे वह बिलख पड़ा।
हादसे में राम कृपाल, राधा बाई कोल और हनुमान दीन की मौत हो गई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शनिवार को कोतमा नगर में अग्रवाल लॉज के अचानक धराशायी होने से उसके मलबे में जान गंवाने वाले तीन लोगों के साथ ही उनके परिजनों को भी यह हादसा गहरी चोट दे गया है। हादसे के दौरान एक जीजा और साला उसी लॉज में टाइल्स लगाने का कार्य कर रहे थे, तभी यह हादसा हो गया और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक महिला मजदूर की भी मौत हुई है। इससे उसका बेटा अनाथ हो गया है।
साथ में काम कर रहे थे जीजा साले
इस घटना में अग्रवाल लॉज की चौथी मंजिल पर हनुमान दीन यादव 55 वर्ष और उनका साला रामकृपाल यादव 50 वर्ष दोनों ही राजमिस्त्री का कार्य कर रहे थे। हादसे के वक्त वे भवन में टाइल्स लगाने का कार्य कर रहे थे। अचानक भवन धराशायी हो गया और हादसे में दोनों की मौत हो गई। परिजनों को जब इस घटना की जानकारी लगी तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा उन्होंने अपने घर के दो प्रमुख सदस्यों को खो दिया।
ये भी पढ़ें- Anuppur Building Collapse: लॉज हादसे में तीन जिंदा दफन, लॉज संचालक और भूमि मालिक पर FIR, 24 घंटे चला रेस्क्यू
पिता की बचपन में ही हुई मौत, अब मां का भी साया उठा
इस हादसे में राधा बाई कोल की भी मौत हो गई। राधा बाई कोल निवासी दमकी टोला, के पति की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। राधा बाई के पुत्र आकाश कोल को जब यह सूचना मिली तो उसकी दुनिया ही उजड़ गई, क्योंकि मात्र 2 वर्ष की उम्र में उसके सिर से पिता का साया उठ गया था और अब उसकी मां भी इस दुनिया में नहीं रही। अब वह अपने परिवार में सिर्फ अकेला ही है।
पिता की मौत की नहीं थी खबर, रेस्क्यू में जुटा रहा जेसीबी चालक बेटा
इस हादसे के बाद मौके पर रेस्क्यू कार्य में जुटे नगर पालिका में दैनिक वेतन भोगी के रूप में जेसीबी चालक के रूप में कार्यरत हेमराज यादव को इस बात की खबर नहीं थी कि इस हादसे में उसके सिर से पिता का साया उठ गया है। मौके पर वह दो घंटे तक जेसीबी चलाता रहा, लेकिन जैसे ही उसके पिता का शव बाहर आया वह अपने आप को संभाल नहीं पाया और बिलख कर रोने लगा। हेमराज अपने परिवार से अलग कोतमा में रहता है, वहीं पिता परिवार के साथ लोढ़ी गांव में रहते थे, इसलिए उसको यह जानकारी नहीं थी कि उसके पिता भी इसी लॉज में कार्य करने के लिए आए हुए थे।
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साथ में काम कर रहे थे जीजा साले
इस घटना में अग्रवाल लॉज की चौथी मंजिल पर हनुमान दीन यादव 55 वर्ष और उनका साला रामकृपाल यादव 50 वर्ष दोनों ही राजमिस्त्री का कार्य कर रहे थे। हादसे के वक्त वे भवन में टाइल्स लगाने का कार्य कर रहे थे। अचानक भवन धराशायी हो गया और हादसे में दोनों की मौत हो गई। परिजनों को जब इस घटना की जानकारी लगी तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा उन्होंने अपने घर के दो प्रमुख सदस्यों को खो दिया।
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पिता की बचपन में ही हुई मौत, अब मां का भी साया उठा
इस हादसे में राधा बाई कोल की भी मौत हो गई। राधा बाई कोल निवासी दमकी टोला, के पति की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। राधा बाई के पुत्र आकाश कोल को जब यह सूचना मिली तो उसकी दुनिया ही उजड़ गई, क्योंकि मात्र 2 वर्ष की उम्र में उसके सिर से पिता का साया उठ गया था और अब उसकी मां भी इस दुनिया में नहीं रही। अब वह अपने परिवार में सिर्फ अकेला ही है।
पिता की मौत की नहीं थी खबर, रेस्क्यू में जुटा रहा जेसीबी चालक बेटा
इस हादसे के बाद मौके पर रेस्क्यू कार्य में जुटे नगर पालिका में दैनिक वेतन भोगी के रूप में जेसीबी चालक के रूप में कार्यरत हेमराज यादव को इस बात की खबर नहीं थी कि इस हादसे में उसके सिर से पिता का साया उठ गया है। मौके पर वह दो घंटे तक जेसीबी चलाता रहा, लेकिन जैसे ही उसके पिता का शव बाहर आया वह अपने आप को संभाल नहीं पाया और बिलख कर रोने लगा। हेमराज अपने परिवार से अलग कोतमा में रहता है, वहीं पिता परिवार के साथ लोढ़ी गांव में रहते थे, इसलिए उसको यह जानकारी नहीं थी कि उसके पिता भी इसी लॉज में कार्य करने के लिए आए हुए थे।
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