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Anuppur News: डेढ़ लाख गड्ढे खुदवाने के बाद वन विभाग ने नहीं दी मजदूरी, मजदूरों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय घेरा

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर Published by: अनूपपुर ब्यूरो Updated Thu, 06 Mar 2025 04:00 PM IST
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सार

अनूपपुर के वन परिक्षेत्र कोतमा में सैकड़ों मजदूरों ने तीन महीने तक मजदूरी की और काम खत्म होने के बाद उन्होंने वन विभाग पर मजदूरी नहीं देने के आरोप लगाया। साथ ही कलेक्ट्रेट के समीप पहुंचकर अधिकारियों से मजदूरी दिलाने की मांग की।

Anuppur After digging 1.5 lakh pits forest department did not pay wages workers surrounded collectorate office
मजदूरी की मांग को लेकर बैठे मजदूर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अनूपपुर जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट कार्यालय के समीप बुधवार सुबह से सैकड़ों की संख्या में मजदूरों ने पहुंचकर डेरा डालते हुए कलेक्टर कार्यालय एवं वन विभाग कार्यालय वन परिक्षेत्र कोतमा के अधिकारियों पर तीन महीने तक मजदूरी लिए जाने के बाद मजदूरी राशि का भुगतान नहीं करने के आरोप लगाते हुए अधिकारियों से इस पर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।

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मजदूरों ने बताया कि वन परीक्षेत्र कोतमा के रेउला और डड़ई बहरा में वन परिक्षेत्र अधिकारी कोतमा बीते तीन महीना से उनसे मजदूरी का कार्य ले रहे थे। यहां वृक्षारोपण कार्य के लिए उनसे डेढ़ लाख गड्ढे खुदवाए गए और बीच-बीच में उन्हें खाद्यान्न के लिए राशि दी जा रही थी। लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा था। लगातार मजदूरी भुगतान के लिए बोलने के बावजूद उन्हें मजदूरी की राशि नहीं दी गई, जिससे परेशान होकर उन्होंने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर पहुंचकर डेरा डाल दिया।
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काम कर लिया और नहीं दे रहे मजदूरी
मजदूरी का कार्य करने वाले अजय ने बताया कि वह सभी कटनी जिले के रहने वाले हैं और वन परिक्षेत्र अधिकारी के कहने पर यहां गड्ढा खोदने के लिए आए हुए थे और गड्ढा खुदवाने के बाद अधिकारी उनका मजदूरी का भुगतान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण उनके सामने भूखे मरने की स्थिति आ गई है। इसको लेकर कई बार रेंजर कोतमा से हम मजदूरों का पैसा दिलाए जाने की बात कही गई। लेकिन वह हमारी बात ही नहीं सुनते हैं।

काम खत्म हो गया, अब हम कहां रुककर मजदूरी देने का इंतजार करें
मजदूरी का कार्य करने वाले सुरेंद्र ने बताया कि लगभग 100 मजदूर बीते कई महीने से यह कार्य कर रहे थे, जिसका काम खत्म होते ही हमें मजदूरी का भुगतान कर दिया जाना चाहिए था। लेकिन अभी तक हमें मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। हम सभी कटनी के रहने वाले हैं। ऐसे में काम खत्म होने के बाद यहां कहां पर रुके और हमारे खाने-पीने की व्यवस्था कैसे हो। इसी को लेकर के कलेक्टर और डीएफओ से मिलकर समस्या बताने के लिए आए हैं।


मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा। हमने उन्हें कहा था कि अपने खाता नंबर दे दीजिए, लेकिन उन्होंने अभी तक खाता नंबर नहीं दिए। इसके साथ ही जो कार्य किया गया है, उसकी संख्या की गणना बाकी है।

हरीश तिवारी, रेंजर कोतमा

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