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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Anuppur News ›   Anuppur News: 137 cases of kidnapping and missing of teenage girls are pending in the district.

Anuppur News: जिले में बढ़े नाबालिग किशोरियों के अपहरण और गुमशुदगी के मामले, तीन वर्ष में 137 केस लंबित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर Published by: अनूपपुर ब्यूरो Updated Sat, 20 Sep 2025 02:39 PM IST
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सार

पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत छत्तीसगढ़, हरियाणा, यूपी, बिहार, कर्नाटक, केरल और अन्य राज्यों से किशोरियों को दस्तयाब किया है। हालांकि कई मामले अभी भी लंबित हैं।

Anuppur News: 137 cases of kidnapping and missing of teenage girls are pending in the district.
अपराध नियंत्रण। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जिले में बीते तीन वर्षों में नाबालिग किशोरियों के अपहरण और गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रत्येक थाने में नाबालिग किशोरियों के लापता और अपहरण होने के दर्जनों मामले हर महीने पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े हुए रहते हैं। इसके बाद परिजन और पुलिस दोनों ही इन्हें ढूंढने में परेशान हो रहे हैं। कम उम्र में मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग से इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस की जांच में भी इस बात की पुष्टि अभी तक दर्ज हुए मामलों से हुई है।

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तीन वर्ष में जिले में यह है स्थिति
अनूपपुर जिले में तीन वर्ष में नाबालिग किशोरियों के गुमशुदगी तथा अपहरण के सैकड़ों मामले सामने आए हैं। वर्ष 2023 में 123 किशोरियों के गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 118 को दस्तयाब किया गया। वर्ष 2024 में 163 किशोरियों के गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए जिसमें 143 को दस्तयाब किया गया। वर्ष 2025 में अभी तक 132 किशोरियों के गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 130 की दस्तयाबी की गई है। इनमें से कुछ पूर्व के वर्षों के मामले हैं। वर्ष 2023 के 48 मामले अभी लंबित हैं। 2024 के भी 48 मामले लंबित हैं। वहीं 2025 में 41 मामले अभी तक लंबित है, जिनकी तलाश जारी है।
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देश के विभिन्न राज्यों से हुए दस्तयाब
नाबालिग किशोरियों के अपहरण के मामले में देश के विभिन्न राज्यों से दस्तयाबी की गई है। जिनमें छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू कश्मीर कर्नाटक, केरल, उड़ीसा राज्यों से किशोरियों को ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत दस्तयाब किया गया है। ऐसे लोगों को दस्तयाब करना पुलिस के लिए ज्यादा आसान रहा है, जिनके पास मोबाइल फोन रहे हैं। मोबाइल फोन न होने पर पुलिस को कड़ी मशक्कत भी करनी पड़ी है।

केस- 1
रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुडी गांव निवासी 15 वर्षी किशोरी तीन महीने पहले घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने गुमसुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जहां पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर हैदराबाद में उसके होने की पुष्टि की। यहां से पुलिस टीम निकलने ही वाली थी कि मोबाइल फोन बंद हो गया और दोबारा लोकेशन ही नहीं मिल पाई।

केस- 2
चचाई थाना क्षेत्र अंतर्गत बकही निवाशी 16 वर्षीय किशोरी अपने प्रेमी के साथ 3 महीने पहले घर से लापता हो गई। परिजनों ने अपहरण कर भाग ले जाने की शिकायत दर्ज कराई। जिसकी तलाश लगातार पुलिस कर रही है लेकिन अब तक उसकी कोई लोकेशन नहीं मिल पा रही है। परिजन लगातार पुलिस से संपर्क कर रहे हैं लेकिन लोकेशन के अभाव में पुलिस भी परेशान है।

केस- 3
फुनगा पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम मझगवा निवासी 14 वर्षीय किशोरी एक वर्ष पूर्व घर से लापता हो गई, जिसकी तलाश पुलिस अभी तक नहीं कर पाई है। किशोरी मजदूरी करने के लिए घर से बाहर जाती थी और इसी दौरान वह वापस लौटकर नहीं आई उसके पास कोई मोबाइल भी नहीं था। इस वजह से उसकी लोकेशन भी पुलिस ट्रेस नहीं कर पा रही है।

केस- 4
भालूमाडा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवगवा निवाशी 15 वर्षी किशोरी 1 वर्ष पूर्व घर से लापता हो गई। उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के एक वर्ष बीत जाने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस लगातार कोशिश कर रही है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। वहीं इस वजह से परिजन भी परेशान हैं कि वह कहां और किस हाल में है।

सोशल मीडिया में तलाश अब तक आठ को किया दस्तयाब
ऐसे गुमशुदा जिनके मोबाइल नंबर पुलिस के पास नहीं हैं उनकी तलाश करने के लिए पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट से कर रही है। अब तक आठ ऐसे लोगों के अकाउंट के माध्यम से उन्हें ढूंढते हुए परिजनों के सुपुर्द किया गया है। पुष्पराजगढ़ एसडीओपी नवीन तिवारी तथा अनूपपुर एसडीओपी सुमित केरकेट्टा बताया कि कई ऐसे गुमशुदा थे जिनके ना तो मोबाइल नंबर थे और ना ही यह पता था कि वह कहां हो सकते हैं जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके नाम को सर्च करते हुए उनकी आईडी ढूंढने का प्रयास किया गया। कई प्राइवेट अकाउंट थे तो उसमें नए अकाउंट बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा गया जिसके बाद उनके फोटोस को सर्च कर उनकी लोकेशन की तलाश की गई। इसके साथ ही आधार नंबर से भी उनकी दस्तयाबी के प्रयास किए गए मोबाइल कंपनियों से संपर्क कर पता लगाया गया कि इसमें आधार नंबर से कोई सिम लिया गया है या नहीं। इसी के आधार पर उनका पता लगाया जा रहा है।

इनका कहना है
पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान ने बताया कि ऑपरेशन 'मुस्कान' के अंतर्गत कई दस्तयाबी की गई है। कुछ नहीं मिल पाए हैं जिनके लिए टीम को एक्टिव किया गया है। यह सही है कि जिनके मोबाइल नंबर नहीं होते हैं उन्हें ढूंढने में परेशानी होती है। जिनके पास मोबाइल नहीं है उनके आधार नंबरों से कौन से सिम और नंबर लिए गए हैं, इसके आधार पर तलाश कर रहे हैं। इसके साथ ही उनके नाम पर सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए भी उनकी तलाशी की जा रही है।

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