बालाघाट में दर्दनाक मामला: एम्बुलेंस में प्रसव के बाद नहीं बच सकी मां, ज्यादा खून बहने से तोड़ दिया दम
बालाघाट के छोटी परसाही गांव की 25 वर्षीय महिला ने अस्पताल ले जाते समय एम्बुलेंस में बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। नवजात की हालत नाजुक है और एसएनसीयू में भर्ती है।
विस्तार
बालाघाट जिले के दूरस्थ बिरसा थाना क्षेत्र से एक मार्मिक घटना सामने आई है। छोटी परसाही गांव निवासी 25 वर्षीय संपतीन (पति अशोक पंचतिलक) की सोमवार देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला ने अस्पताल लाते समय एम्बुलेंस में ही एक पुत्र को जन्म दिया था। प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
120 किलोमीटर दूर था गांव, रात में शुरू हुई प्रसव पीड़ा
परिजनों के अनुसार रविवार देर शाम संपतीन को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। छोटी परसाही गांव जिला मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है। रात का समय होने और गांव में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण परिजनों ने एम्बुलेंस बुलाकर महिला को जिला अस्पताल, बालाघाट के लिए रवाना किया।
भंडेरी के पास एम्बुलेंस में हुआ प्रसव
अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में भंडेरी के पास प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई। इसी दौरान एम्बुलेंस में ही महिला ने बेटे को जन्म दिया। उस समय एम्बुलेंस में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि प्रसव सामान्य था, लेकिन डिलीवरी के तुरंत बाद महिला को अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। परिजन रास्ते भर एम्बुलेंस कर्मियों से अस्पताल जल्दी पहुंचने की गुहार लगाते रहे, लेकिन महिला की हालत लगातार गंभीर बनी रही।
अस्पताल पहुंचते ही किया मृत घोषित
देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच महिला को जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने तत्काल जांच की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अत्यधिक रक्तस्राव (पोस्ट पार्टम हेमरेज) को मौत का कारण माना जा रहा है। एम्बुलेंस में जन्मे नवजात को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। बच्चे का उपचार स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में किया जा रहा है, जहां चिकित्सक उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
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पहले से दो बेटियां, तीसरा प्रसव था
अस्पताल चौकी पुलिस प्रभारी शिवदयाल पटले ने बताया कि मृतका की पहले से दो बेटियां हैं। यह उसका तीसरा प्रसव था। एम्बुलेंस में डिलीवरी के बाद मां और बच्चे को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार किया। डॉक्टरों की तहरीर पर मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की आगे की जांच संबंधित थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 120 किलोमीटर की दूरी, रात का समय और रास्ते में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का अभाव इन परिस्थितियों ने एक परिवार से मां को छीन लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो संभवतः महिला की जान बचाई जा सकती थी। प्रशासनिक स्तर पर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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